118 साल में पहली बार, भारतीय रेलवे इस राज्य में चलाएगा नई टॉय ट्रेन, क्या होंगी विशेषताएं?
शिमला। आपने कहीं टॉय ट्रेन चलते देखी हैं? शायद नहीं देखी होंगी। भारत में इस तरह की नई ट्रेन अब हिमाचल प्रदेश में चलाई जाएगी। भारतीय रेलवे से मिली जानकारी के मुताबिक, यहां 118 वर्षों में पहली बार, ऐसा होगा जब 3 नई टॉय ट्रेन चलाई जाएंगी। ये ट्रेनें इस साल के अंत तक शिमला-कालका रूट पर नजर आ सकती हैं।

हिमाचल: अंग्रेजों के ट्रैक पर नया प्रयोग
हरे-भरे जंगल व पहाड़ी इलाकों से गुजरती ये ट्रेनें पर्यटन को फायदा पहुंचाएंगी। रेलवे के एक अधिकारी ने इस बारे में बताया कि, नई टॉय ट्रेनें 1903 में अंग्रेजों द्वारा निर्मित 96.6-किमी नैरो-गेज ट्रैक पर चलेंगी। इन टॉय ट्रेनों के डिब्बे रेल कोच फैक्ट्री-कपूरथला में बनाए जा रहे हैं। इन ट्रेन के नए डिब्बे जर्मन निर्माता "लिंक हॉफमैन बुश" (एलएचबी) द्वारा डिजाइन किए गए हैं। अधिकारी ने कहा, "कालका-शिमला में चलने वाली टॉय ट्रेनों के कोच कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्ट्री (RCF) में बनाए जा रहे हैं। उन्हें जोड़ने का काम पूरा होने पर, दिसंबर तक संचालन शुरू हो जाएगा।,"
118 वर्ष में पहली बार 3 नई टॉय ट्रेन
अधिकारी ने कहा कि, टॉय ट्रेनों के लिए 30 नई जेनरेशन के एलएचबी कोच बनाए जाएंगे जो 765 मिमी नैरो गेज का उपयोग करते हैं। बता दें कि, नैरो गेज ट्रैक की चौड़ाई मानक 1,435 मिमी से कम है। रेलवे के एक अन्य अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, 'नए एसी कोचों में 180 डिग्री रोटेटेबल चेयर सीट और जीएस कोच में फ्लिप टाइप सीटिंग की व्यवस्था होगी। उन्होनें कहा, "इसके अलावा, वे सीसीटीवी, यात्री घोषणा प्रणाली, यात्री सूचना प्रणाली और सिंक-इन एलईडी गंतव्य बोर्ड से लैस होंगे।"
अधिकारी ने कहा, "नए कोचों में सीटों को इस तरह से लगाया जाएगा कि यात्रियों की आवश्यकता के अनुसार कोच में उनकी व्यवस्था को बदला जा सके।" नई ट्रेनों में डिब्बे पारदर्शी होंगे, जिनकी छत में ग्लेज़िंग (वीएलटी) नियंत्रणीय घुमावदार कांच-खिड़कियां, बॉडी साइड बाय-फोल्डेबल दरवाजे, फ्लोटिंग फ्लोर, सौंदर्यपूर्ण बनावट वाले आंतरिक फाइबरग्लास-पैनल और एलईडी होंगे।
बहरहाल, कालका-शिमला के अलावा, इंडियन दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे, नीलगिरी माउंटेन रेलवे (तमिलनाडु), माथेरान हिल रेलवे और कांगड़ा वैली रेलवे (हिमाचल प्रदेश) में टॉय ट्रेनों का संचालन किया जाता है। इसके अलावा, रेलवे अहमदाबाद-केवड़िया, मुंबई-मडगांव, मुंबई-पुणे, विशाखापत्तनम-अराकू-किरंदुल, यशवंतपुर-कारवार (मंगलुरु के रास्ते) और मुंबई (दादर)-मडगांव जैसे रूट पर कुछ विस्टाडोम कोच संचालित करता है।












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