Hathras Stampede: नारायण साकार हरि नहीं इन लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा, चौकी इंचार्ज ने दर्ज कराई FIR
Hathras Stampede: उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में मंगलवार दोपहर धार्मिक समागम में मची भगदड़ में 121 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। धार्मिक समागम में मची भगदड़ के पीछे अलग-अलग वजहें बताई जा रही हैं। फिलहाल, इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
केस दर्ज करने के बाद पुलिस द्वारा मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह दबिश भी दी जा रही है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 105/110/126(2)/223/238 के अंतर्गत FIR दर्ज की गई है।

दरअसल, हाथरस जनपद के थाना क्षेत्र सिकन्दराराऊ में ग्राम फुलरई मुगलगढी के मध्य जीटी रोड के पास नारायण साकार विश्व हरि भोले बाबा के एक सत्संग का आयोजन मंगलवार को किया गया था। सत्संग का आयोजन मुख्य सेवादार देव प्रकाश मधुकर सहित अन्य लोगों द्वारा कराया गया था।
इस सत्संग में शामिल होने के लिए हाथरस और एटा के साथ ही उत्तर प्रदेश के अन्य जनपदों के अलावा उत्तर प्रदेश आसपास के राज्यों से भी काफी संख्या में अनुयाई पहुंचे थे। मंगलवार दोपहर में सत्संग समाप्त होने के बाद लोग वापस लौटने वाले थे।
इसी दौरान लोगों की भीड़ में भगदड़ मच गई। भगदड़ के दौरान लोगों को कार्यक्रम स्थल से बाहर निकलने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। भीड़ अधिक थी ऐसे में जो भी शख्स जमीन पर गिरा उसे कुचलते हुए लोग भागने लगे।
गिरने वाले में अधिकतर महिलाएं और बच्चे शामिल रहे। यही कारण है कि इस हादसे में सर्वाधिक महिलाओं की ही मौत हुई है। घटना का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ट्रामा सेंटर सिकन्दराराऊ के साथ ही आसपास के अस्पतालों में लाशें ही नजर आ रही थीं।
पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आई यह वजह
मामले को लेकर चौकी प्रभारी पोरा थाना सिकंदराराऊ बृजेश पांडेय द्वारा आयोजनकर्ता मुख्य सेवादार देवप्रकाश मधुकर पुत्र रामसिंह निवासी न्यू कालोनी दमदपुरा कस्बा व थाना सि.राऊ जनपद हाथरस और अन्य सहयोगी सेवादारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
दर्ज मुकदमे में बताया गया है कि सत्संग स्थल पर समापन के बाद लाखों श्रृद्धालुओं की बेतहाशा भीड़ के दवाब के कारण नीचे बैठे, झुके श्रृद्धालू दबने कुचलने लगे, चीखपुकार मच गयी। जीटी रोड के दूसरी ओर लगभग तीन मीटर गहरे खेतों में भरे पानी एवं कीचड में बेतहाशा दबती कुचलती भागती भीड को आयोजन समिति एवं सेवादारों द्वारा अपने हाथों में लिये डण्डों से जबरदस्ती रोक दिया गया।
जिसके कारण लाखों व्यक्तियों के भीड का दवाब बढता चला गया और महिला, बच्चे एवं पुरुष दबते कुचलते चले गये। भगदड में लगी चोटों से महिलाओं, बच्चों व पुरुषों की स्थति मरणासन्न हो गयी। मौके पर मौजूद पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा हरसभंव प्रयास किया गया।
उसके बाद लाखों की भीड के दबाव से दब-कुचल कर घायल/बेहोश हुए व्यक्तियों को उपलब्ध संसाधनों से अस्पताल भिजवाया गया किन्तु आयोजनकर्ताओं एवं सेवादारों द्वारा कोई सहयोग नही किया गया। इस गम्भीरतम घटना के कारण अनेक लोग घायल हो गये जिनमें से कई लोगों की मृत्यु हो गयी।












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