Hathras stampede: वकील एपी सिंह का बड़ा दावा, कहा- बाबा के नाम नहीं है एक भी आश्रम, पेंशन से करते हैं गुजारा
Hathras stampede: उत्तर प्रदेश के हाथरस जनपद में सत्संग के दौरान भगदड़ होने से 121 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे की 48 घंटे बीत जाने के बाद भी इस मामले में अभी तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई है।
वहीं हादसे के बाद से ही प्रवचन करने वाले नारायण साकार विश्व हरि भोले बाबा अंडरग्राउंड हैं। आखिर बाबा दोषी नहीं है तो अंडरग्राउंड क्यों है और मौजूदा समय में बाबा क्या कर रहे हैं और कहां हैं? ऐसे कई सवाल हैं जो लोगों द्वारा उठाए जा रहे हैं।

गुरुवार को नारायण साकार विश्व हरि भोले बाबा की वकील एपी सिंह ने इन सभी बातों का स्पष्ट रूप से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भोले बाबा कहीं गए नहीं हैं वह आप लोगों के बीच हैं। मामले की जांच की जा रही है और जांच टीम जब उन्हें बुलाएगी वह जांच टीम के समाचार प्रस्तुत होंगे।
घायलों से किया मुलाकात
दरअसल, नारायण साकार विश्व हरि भोले बाबा के वकील डा. एपी सिंह गुरुवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल पहुंचे थे। अस्पताल पहुंचने के बाद उन्होंने घायलों का हाल-चाल जानने के साथ ही उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।
अस्पताल में घायलों से मुलाकात करने के बाद उन्होंने मीडिया कर्मियों के सवालों का जवाब दिया। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस घटना में नारायण साकार हरि का कोई दोष नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि साकार हरि की तरफ से भी पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाएगी।
इसके अलावा उनसे सवाल किया गया की घटना के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी नारायण साकार हरि अंडरग्राउंड हैं, इसका क्या कारण है। इसका जवाब देते हुए वकील डॉक्टर एपी सिंह ने कहा कि वह कहीं नहीं गए हैं, जरूरत पड़ने पर वह सामने आएंगे और खुद जवाब देंगे।
घायलाें का हाल-चाल लेते रहे सदस्य
उन्होंने कहा कि फिलहाल उनकी बातों को और उनके संदेश को खाने के लिए मैं खुद आया हूं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मानव मंगल मिलन सद्भाव समागम कमेटी के सदस्य अपने-अपने जनपद में घायल होने वाले लोगों के घर पर जाएं और उनका उपचार करने के साथ ही उनकी देखभाल करें।
बाबा का संदेश देते हुए वकील दो आप सिंह ने कहा कि भविष्य में ऐसे आयोजनों में किसी प्रकार की कोई घटना या दुर्घटना ना हो इसके लिए उपाय किए जाएंगे। नारायण साकार हरि द्वारा मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई है।
उन्होंने यह भी बताया कि फरवरी से लेकर जून माह तक आचार संहिता लगी हुई थी ऐसे में बाबा के सत्संग समागम का कार्यक्रम नहीं हो पाया था। हर माह के प्रथम मंगलवार को आयोजन होता रहा है। यही कारण है कि हाथरस में सत्संग समागम होने पर भीड़ अधिक हो गई।
कहा कि सत्संग के आयोजकों की तरफ से भी किसी प्रकार की कोई लापरवाही नहीं हुई थी। सत्संग स्थल पर व्यवस्थाएं चाक चौबंद थी लेकिन भीड़ अधिक हो जाने के चलते ऐसा हुआ। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ और सामाजिक तत्वों द्वारा हंगामा करके वहां पर अराजकता उत्पन्न की गई।
एसएमएस मामले की जांच की जानी चाहिए और यदि कुछ लोगों के पास घटना के दौरान का वीडियो है और वे सामने नहीं आना चाहते हैं तो मेरा निवेदन है कि मेरे इंस्टाग्राम फेसबुक पेज पर वीडियो शेयर कर दें। उनकी पहचान को छुपाते हुए उस वीडियो को जांच कमेटी के समक्ष रखा जाएगा, जिससे कि कोई भी दोषी बक्सा ना जा सके।
हादसे से पहले जा चुके थे बाबा
वकील डॉक्टर एपी सिंह द्वारा कहा गया कि जिस समय हाथरस जनपद में सत्संग स्थल पर यह हादसा हुआ उस समय सत्संग समापन करने के बाद बाबा वहां से जा चुके थे। उनके जाने के बाद यह घटना हुई। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि नारायण साकार हरि भेश नहीं बदलेंगे और ना ही कहीं भागेंगे।
आश्रम के बारे में जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि नारायण साकार हरि के नाम से एक भी आश्रम नहीं है। नारायण साकार हरि के वकील द्वारा यह भी दावा किया गया कि बाबा केवल पेंशन के रुपए से गुजारा करते हैं और भक्तों से भी रुपए नहीं लेते हैं।












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