Hathras: छात्र के पेट से डॉक्टरों ने निकाली बैटरी, ब्लेड समेत 56 धातु की वस्तुएं, संक्रमण फैलने से गई जान
Hathras News: उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। यहां कक्षा नौ के छात्र के पेट से घड़ी की बैटरी, ब्लेड, कील समेत धातु के टुकड़े जैसी 56 वस्तुएं निकाली गईं, जिनका वजन करीब 350 ग्राम था। इनसे छात्र की आंत में संक्रमण फैल गया था। हालांकि, दिल्ली के एक अस्पताल में सर्जरी के एक दिन बाद छात्र की मौत हो गई।
छात्र के पेट से इन वस्तुएं के निकालने से अस्पताल के डॉक्टर भी काफी हैरान हैं। छात्र के पिता संचित शर्मा ने पीटीआई-भाषा को बताया कि उनका बेटा आदित्य शर्मा कक्षा 9 का छात्र था। उसके पेट से वस्तुएं मिली है, जिससे चिकित्सा समुदाय हैरान है और उनका परिवार सदमे में है।

छात्र के पिता ने बताया कि सर्जरी के एक दिन बाद सफदरजंग अस्पताल में उनके बेटे की मौत हो गई। क्योंकि, उसकी हृदय गति बढ़ गई थी और रक्तचाप बहुत कम हो गया था। बताया कि शुरूआत में उनके बेटे आदित्य शर्मा को पेट में बहुत दर्द और सांस लेने में तकलीफ हो रही थी।
जिसके बाद उन्होंने अपने बेटे को हाथरस के एक स्थानीय अस्पताल में दिखाया। इसके बाद आदित्य को आगे की देखभाल के लिए जयपुर भेज दिया गया था। जयपुर के अस्पताल से कुछ समय के इलाज के बाद छुट्टी मिल गई था। हालांकि, कुछ समय बाद आदित्य के लक्षण फिर से दिखने लगे।
उसके बाद उसका परिवार उसे आगे की जांच के लिए अलीगढ़ ले गया। अलीगढ़ में डॉक्टरों ने उसकी सांस लेने की समस्या को दूर करने के लिए सर्जरी की। हालांकि, 26 अक्टूबर को अल्ट्रासाउंड में उसके शरीर के अंदर करीब 19 बाहरी चीजें पाई गईं। इस के बाद आदित्य को नोएडा के अस्पताल में दिखाया गया।
यहां उसके पेट में लगभग 56 धातु के टुकड़े पाए गए। जिसके बाद परिवार ने उसे 27 अक्टूबर को सर्जरी के लिए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाने का फैसला किया। यहां सफदरजंग अस्पताल में प्रोफेसर सर्जरी विभाग डॉ. मेघराज कुंदन की टीम ने उसका ऑपरेशन किया था।
इनका कहना है कि ऑपरेशन के दौरान आदित्य के पेट से बैटरी के सेल, नट- बोल्टस, ब्लेड्स, यूएसबी पोर्ट, सिरिंज सुई के कैप आदि सहित धातु एवं प्लास्टिक की 56 वस्तुओं को निकाला गया था, जिनका वजन 350 ग्राम हैं। संक्रमण फैलने के बाद उसकी आंत फट गई थी, जिसका बाद में ऑपरेशन किया गया था।
सफ़दरजंग अस्पताल के डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद आदित्य की हालत बिगड़ती चली गई। छात्र के पिता ने बताया कि दिल्ली के अस्पताल में सर्जरी के एक दिन बाद मेरे बेटे की मौत हो गई, क्योंकि उसकी हृदय गति बढ़ गई थी और उसका रक्तचाप खतरनाक रूप से गिर गया था।
संचित ने बताया कि आदित्य के मामले ने डॉक्टरों को भी हैरान कर दिया, क्योंकि उसके मुंह या गले में कोई चोट के निशान नहीं थे, जिससे पता चले कि नाबालिग लड़के ने जानबूझकर या गलती से ये चीजें खाई हैं। उन्होंने कहा,'मैंने अपना इकलौता बेटा खो दिया और अब मेरी बेटी बची है, जो हम सभी की तरह ही इस भयानक, अस्पष्ट और रहस्यमयी त्रासदी से हिल गई है।'
कहा कि आदित्य की अस्पष्ट मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे उसका परिवार और मेडिकल पेशेवर दोनों ही हैरान हैं। परिवार हाथरस की रतनगर्भा कॉलोनी में रहता है।












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