Hathras : शराब के नशे में धुत्त प्रधानाध्यापक का वीडियो वायरल, ग्रामीणों ने धक्का देखर स्कूल से खदेड़ा
हाथरस से एक वीडियो वायरल हुआ जिसमे एक स्कूल के प्रधानाध्यापक शराब के नशे में धुत्त होकर स्कूल पहुंच गए। आरोप है कि वह स्कूल में शराब पीकर बच्चों को पढ़ाते है .

जिस प्रकार किसी देश को चलाने के लिए नेता की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार विद्यालय को चलाने के लिए प्रधानाध्यापक की आवश्यकता होती है। प्रधानाध्यापक भी विद्यालय का एक नेता ही होता है। उसे छात्र छात्र, शिक्षक-शिक्षक, शिक्षक-निरीक्षक, शिक्षक अभिवावक आदि के संबंधों को संतुलित एवं निरीक्षक करना पड़ता है। विद्यालय का सम्पूर्ण कार्य सरलता एवं सुगमता से चलता रहे, इसके लिए उसे उन आदेशों एवं शिक्षक स्तरों को भी प्रस्तुत करना होता है जिसको पूर्ण करने के लिए सम्पूर्ण विद्यालय सक्रिय रहता है।

प्रधानाध्यापक शराब पीकर पहुंचे स्कूल
अब आप सोच रहे होंगे कि आज हम आपको एक प्रधानाध्यापक के महत्व के बारे में क्यों बता रहे हैं। दरअसल, उत्तर प्रदेश के हाथरस से एक वीडियो वायरल हुआ जिसमे एक स्कूल के प्रधानाध्यापक शराब के नशे में धुत्त होकर स्कूल पहुंच गए। यह शर्मनाक मामला हाथरस के हसायन विकास खंड के गांव बनवारीपुर का है। यहाँ स्थित प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक पद पर विनोद कुमार नियुक्त हैं। आरोप है कि वह स्कूल में शराब पीकर बच्चों को पढ़ाते है, इसकी जानकारी मिलते ही भाकियु भानु गुट के जिलाध्यक्ष राम जादौन ग्रामीणों के साथ स्कूल पहुंच गए। उनके साथ उक्त शिक्षक के साथ कहासुनी भी हुई, ग्रामीणों का आरोप है कि यह शिक्षक शराब पीकर अक्सर स्कूल में पढ़ाने पहुंच जाते हैं। शराब के नशे में धुत होकर पढ़ाते हुए उसका वीडियो बना लिया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने उक्त शिक्षक को स्कूल से भगा दिया। भाकियू के जिलाध्यक्ष ने इसकी जानकारी तुरंत खंड शिक्षा अधिकारी को दी।

बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़
सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि जब प्रधानाध्यापक के बारे में एक बच्चे से इस बारे में पुछा गया तो उसने बताया कि यह रोज पीकर आ जाते हैं और उल्टा सीधा पढ़ाते हैं। पर इसपर अध्यापक जी को गुस्सा आ जाता है और वह जिलाध्यक्ष की मौजूदगी में ही उस बच्चे को आंखे दिखाने लगते हैं।
आपको बता दें कि शिक्षकों के स्कूल में शराब पीकर पहुंचने की घटना कोई नई बात नहीं है। इसे लेकर कार्रवाई भी शिक्षकों को झेलनी पड़ी हैं। इसके बाद भी कोई सुधार नहीं दिख रहा है। वहीं भाकियू के जिलाध्यक्ष का कहना है कि स्कूल में प्रधानाध्यापक ही अगर शराब पीकर आएँगे तो यह न सिर्फ बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है बल्कि उनकी सुरक्षा पर भी सवाल खड़े करता है। ऐसे लोगों को शिक्षा के मंदिर में इतने बड़े पद पर रहने का कोई हक़ नहीं है। लिहाजा इसके बाद ग्रामीणों ने उक्त शिक्षक को स्कूल से भगा दिया।












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