क्या हरियाणा के हिस्से NCR से होंगे अलग, जानिए CM मनोहर लाल खट्टर ने क्या दी दलील ?
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने दिल्ली एनसीआर हरियाणा की एक तिहाई हिस्सा को हटाने की मांग की है।
चंडीगढ़, 28 फरवरी 2022। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने दिल्ली एनसीआर हरियाणा की एक तिहाई हिस्सा को हटाने की मांग की है। इस बाबत मनोहर लाल खट्टर ने एनसीआर योजना बोर्ड को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि एनसीआर में हरियाणा के हिस्से होने की वजह से नफ़ा से ज़्यादा नुकसान हो रहा है। ख़बर आ रही है कि एनसीआर योजना बोर्ड ने खट्टर सरकार की दलील पर ग़ौर करते हुए उनकी मांगों को मान लिया है। आपको बता दें कि मंगलवार को एनसीआर योजना बोर्ड की बैठक में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के राज्यमंत्री हरदीप पुरी के सामने भी इन मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

NGT के प्रतिबंध से मिलेगी निजात
एनसीआर से हरियाणा के हिस्से को अलग करने के मामले मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि एनसीआर का विस्तार दिल्ली पर शहरीकरण के बोझ को कम करने के लिए किया गया था। इसलिए ही दिल्ली के आसपास वाले इलाकों में भी दिल्ली की तरह की विकसित करने के लिए यह फ़ैसला लिया गया था। एनसीआर क्षेत्र समय के साथ बढ़ता रहा और विकास के साथ ही इसके कई दुष्परिणाम भी सामने आने लगे हैं। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) जब कोई प्रतिबंध लगाता है तो इससे हरियाणा का करीब 57 फ़ीसदी हिस्सा प्रभावित होता है। । चाहे वह प्रदूषण या निर्माण कार्यों को लेकर पर प्रतिबंध या अंकुश लगाया जाए। एनसीआर से हरियाणा के हिस्से बाहर किए जाने पर कई इलाकों की एक बड़ी आबादी इस तरह के प्रतिबंधों से आज़ाद रहेगी।
NCR रीजन में 14 जिले
हरियाणा के कुल 22 जिलों में से 14 जिले अभी एनसीआर रीजन में आते हैं। इसमें जींद, महेंद्रगढ़, करनाल, भिवानी, चरखी दादरी, पलवल, झज्जर, रेवाड़ी, सोनीपत, पानीपत, रोहतक, नूंह, गुड़गांव और फरीदाबाद शामिल हैं। एनसीआर रीजन में दिल्ली का सिर्फ 2.69 प्रतिशत हिस्सा ही आता है। वहीं हरियाणा का 45.98 फ़ीसद हिस्सा आता है। एनसीआर रीजना का उत्तर प्रदेश में 26.92 प्रतिशत हिस्सा है और राजस्थान में 24.41 प्रतिशत है। इस तरह देखा जाए तो उत्तरप्रदेश के आठ जिले और राजस्थान के दो जिले एनसीआर रीजन में आते हैं। मनोहर लाल की मांगें अगर केंद्र सरकार ने मान ली तो हरियाणा के कई ज़िलों के कुछ ही हिस्से एनसीआर के अधीन रहेंगे। अभी पूरा करनाल जिला एनसीआर में आता है। अगर हरियाणा के एनसीआर वाले हिस्से में कटौती होती है तो करनाल जिले का बाकी हिस्सा एनसीआर से आज़ाद हो जाएगा सिर्फ घरौंदा तहसील ही एनसीआर में के अधीन रहेगा।
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