कौन हैं वो दादी, जिन्होंने हर की पौड़ी पर 70 साल की उम्र में लगाई गंगाजी में छलांग
सोनीपत, 01 जुलाई: सोशल मीडिया पर इन दिनों 70 वर्षीय दादी का एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें वो पुल से गंगा नदी में छलांग लगाते हुए दिखाई दे रही है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद 70 वर्षीय दादी रातों-रात सोशल मीडिया पर छा गई। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो में दादी का स्टंट इतना हैरतअंगेज है कि इसे देखकर आप भी चौंक जाएंगे। तो वहीं, अब हरिद्वार में पुल से गंगा नदी में छलांग लगाने वाली दादी की पहचान हो गई है। तो आइए जानते है कि इस उम्र में दादी ने ऐसा किया कैसे?
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कौन हैं गंगा नदी में छलांग लगाने वाली 70 वर्षीय दादी
सोशल मीडिया पर रातों-रात स्टार बनी दादी का नाम ओमवती है और वह हरियाणा के सोनीपत जिले के गांव बंदेपुर की रहने वाली हैं। दादी को बचपन से ही तैराकी का काफी शौक हैं। इसके अलाव 70 वर्षीय दादी ओमवती नाचने-गाने की भी काफी शौकीन हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दादी ओमवती ने बताया, 'एक वक्त ऐसा भी आया था कि जब हादसे में मेरे दोनों पैर टूट गए थे। लेकिन परिवार की मेहनत और सर्जरी के बाद आज मैं बिल्कुल ठीक हूं।' दादी की मानें तो जब भी वह हरिद्वार जाती हैं, तब ही गंगा में जंप करती हैं।

इतनी फिट कैसे हैं दादी ओमवती?
70 साल की उम्र में जहां बुजुर्ग लोग सहारा लेकर चलने लगते हैं वहीं हरियाणा के बंदेपुर गांव निवासी ओमवती ने पुल से गंगा नदी में छलांग लगाकर सभी को हैरान कर दिया है। आइए 70 वर्षीय दादी से जानते है उनके सेहत का राज। दादी ओमवती की मानें तो वह बचपन से ही खान-पान का ख्याल रखती थी। उन्होंने बचपन से ही खूब घी-दूध खाया-पिया है। इस उम्र में भी दादी ओमवती सुबह 4:00 बजे उठती हैं और सैर सपाटे के साथ-साथ व्यायाम भी करती हैं। अपने अच्छे खान-पान और व्यायाम की वजह से वे अभी भी तक फिट हैं।

दादी का हौसला देख काफी खुश हैं पोता-पोती
दादी ओमवती बताती हैं कि उस दिन वे जब पुल से छलांग लगा रही थीं तब उन्हें कई लोग रोक रहे थे। लेकिन उन्हें खुद पर भरोसा था। वे आगे बताती हैं कि छलांग लगाने के बाद वे बहुत देर तक गंगा में तैरती रहीं और नदी के किनारे चली गईं। उनके हौंसले को देखकर घर में पोता-पोती भी बहुत खुश हैं। पोती रेनू ने बताया कि वह अपनी दादी को देखकर बहुत कुछ सीख रही हैं। रेनू की मानें तो उनकी दादी सुबह 4 बजे जाग जाती है और इसके बाद वह सभी को जगाती हैं। इसके बाद उनकी दादी (ओमवती) पशुओं का चारा काटने से लेकर अन्य कार्य भी करती हैं।

दादी ओमवती ने लोगों से की थी यह अपील
दादी बताती है कि वह बचपन से ही नदी और तालाबों में तैरती थी, जिसका फायदा उन्हें अभी तक मिल रहा है। जिस वक्त दादी ओमवती ने हरिद्वार में पुल से गंगा नदी में छलांग लगाई तो आसपास के लोगों से कहा था कि कोई भी छलांग न लगाएं। क्योंकि वह बचपन से ही तैरने में माहिर हैं। पानी बहुत गहरा था, लेकिन वह तैरती हुई गंगा नदी के किनारे चली गई थी। वहीं, दादी के इस हौसले को देखकर आज के युवा भी हैरान हैं।












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