हरियाणा में हाईकोर्ट से पंचायत चुनाव कराने की मंजूरी, अब सभी जिलों से वार्डबंदी की रिपोर्ट मांगी
चंडीगढ़। हरियाणा में अब पंचायत चुनाव हो सकेंगे। हाईकोर्ट से पंचायत चुनाव कराने की मंजूरी मिलने पर प्रदेश सरकार ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। पंचायती राज निदेशालय की ओर से सभी जिलों से वार्डबंदी की रिपोर्ट मांगी गई है। जिलों से वार्डबंदी रिपोर्ट मिलने के बाद वोटर लिस्ट प्रक्रिया शुरू होगी। वोटर लिस्ट की इस प्रक्रिया को चुनाव आयोग शुरू करेगा। अंतत: पंचायत चुनाव की घोषणा की जाएगी।

पंचायती राज निदेशालय के अधिकारियों के मुताबिक, निदेशालय ने सभी जिलों से वार्डबंदी की रिपोर्ट मांगी गई है। इससके लिए कुछ समय पहले सभी डीसी व जिला विकास एवं पंचायत अधिकारियों को लिखा गया था कि गत वर्ष 4 जून को सभी जिला परिषद, पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों के वार्डों ने अंतिम प्रकाशन रिपोर्ट भेजी गई थी। इसके बाद कुछ ग्राम पंचायतें निकाय में शामिल हुईं तो कुछ बाहर हो गई। इसके चलते राज्य चुनाव आयुक्त ने वार्डबंदी की रिपोर्ट मांगी है।
स्थानीय निकाय चुनावों पर सुनवाई टली
उधर, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की खंडपीठ ने स्थानीय निकाय चुनावों में आरक्षण के मामले पर हरियाणा के एजी के व्यस्त होने के कारण सुनवाई अगले हफ्ते के लिए स्थगित कर दी है। बताया गया कि, रामकिशन एवं अन्य जनों ने हरियाणा म्यूनिसिपल इलेक्शन (अमेंडमेंट) रूल्स 2020 में पिछड़ी जाति को आरक्षण के प्रावधान को खारिज करने की मांग की।
हाईकोर्ट में आश्वासन- बग्गा की गिरफ्तारी नहीं
हाईकोर्ट ने दिल्ली के भाजपा नेता तेंजिंदर पाल सिंह बग्गा मामले पर भी सुनवाई की। जहां पंजाब की मांग पर केंद्र सरकार को प्रतिवादी बनाया गया। इससे पहले पंजाब ने कहा कि दिल्ली व कुरुक्षेत्र की सीसीटीवी फुटेज प्रिजर्व की जाए। इस पर हरियाणा के एजी ने कहा कि, ये कर ली गई हैं। आखिर में पंजाब सरकार ने कोर्ट में आश्वासन दिया कि अगली सुनवाई तक बग्गा के अरेस्ट वारंट पर कार्रवाई नहीं की जाएगी। अब कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई तय की है।












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