Opinion: हरियाणा में अल्पसंख्यकों के लिए स्कॉलरशिप से छात्र-छात्राओं को मिल रही है बड़ी मदद
हरियाणा सरकार मैट्रिक के बाद अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं की पढाई में मदद के लिए स्कॉलरशिप देती है। यह सुविधा पीएचडी और एम फिल तक की पढ़ाई के लिए दी जाती है। सालाना हजारों अल्पसंख्यकों का कल्याण हो रहा है।

देश में कई सारी रिपोर्ट हैं कि शिक्षा के क्षेत्र में अल्पसंख्यकों की प्रगति इसलिए ठहर जाती है, क्योंकि उन्हें समय पर उचित आर्थिक सहायता नहीं मिल पाती। लेकिन, हरियाणा सरकार का नजरिया पूरी तरह से अलग है। अल्पसंख्यक छात्र-छात्राएं मैट्रिक के आगे की पढ़ाई भी बेहतर तरीके से जारी रखें, इसके लिए एक विशेष योजना चलाई जा रही है- पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप फॉर माइनोरिटीज। हरियाणा सरकार इस योजना के तहत 11वीं से लेकर पीएचडी तक की पढ़ाई पूरी करने के लिए स्कॉलरशिप देती है। हरियाणा जैसे छोटे से राज्य में कुछ समय पहले तक चालू वित्त वर्ष यानि 2022-23 में लगभग सात हजार अल्पसंख्यक छात्र-छात्राएं इस योजना से लाभांवित हो चुके हैं।

हरियाणा में अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं के लिए स्कॉलरशिप
पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप फॉर माइनोरिटीज योजना के तहत अलग-अलग तक की कक्षाओं और कोर्स के मुताबिक स्कॉलरशिप की व्यवस्था की गई है। मसलन, नौवीं-दसवीं में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को नामांकन और ट्यूशन फीस के तौर पर अधिकतम 7,000 रुपए सालाना स्कॉलरशिप मिलती है।

मैट्रिक के बाद स्टूडेंट को मिल रहा इस योजना का लाभ
11वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं को तकनीकी और वोकेशनल शिक्षा के लिए नामांकन और ट्यूशन फीस के तौर पर सालाना 10,000 रुपए अधिकतम राशि बतौर स्कॉलरशिप दी जा रही है। जबकि, अंडर-ग्रेजुएट और पोस्ट-ग्रेजुएट स्टूडेंट्स को नामांकन और ट्यूशन फीस के तौर पर अधिकतम सालाना 3,000 रुपए देने की भी व्यवस्था है। 11वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं को 230 रुपए हर महीने दी जाती है। यह सुविधा तकनीकी और वोकेशनल शिक्षा के स्टूडेंट के लिए भी है। लेकिन, यदि ऐसे स्टूडेंट होस्टल में रहते हैं तो उन्हें 380 रुपए मासिक दिया जाता है।

उच्च शिक्षा के लिए भी मिलती है अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को सहायता
अगर कोई स्टूडेंट तकनीकी और प्रोफेशनल शिक्षा से अलग कोई अंडर-ग्रेजुएट और पोस्ट-ग्रेजुएट कोर्स कर रहा है तो होस्टल वालों को 570 रुपए महीने और डे-स्कॉलर के लिए 300 रुपए प्रति महीने भुगतान की व्यवस्था है। लेकिन, जब बात एम फिल और पीएचडी जैसी उच्च शिक्षा की आती है तो इस मामले में होस्टल में रहने वाले छात्र-छात्राओं को हर महीने 1200 रुपए और डे-स्कॉलर को 550 रुपए की स्कॉलरशिप मिलती है।

माता-पिता या अभिभावक की वार्षिक आय 2 लाख रुपए से अधिक न हो
लेकिन, हरियाणा में सरकारी स्कॉलरशिप प्राप्त करने के लिए आवश्यक है कि ऐसे अल्पसंख्यक छात्र-छात्राएं सरकारी शिक्षण संस्थाओं और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों या संस्थाओं में पढ़ते हों। इसकी पात्रता के लिए एक बड़ी शर्त यह भी है कि ऐसे छात्र-छात्राओं के माता-पिता या अभिभावकों की सालाना आय 2 लाख रुपए से अधिक की न हो।

चालू वित्त वर्ष में अबतक 6,870 लाभार्थी
अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को यह स्कॉलरशिप तभी तक मिलती रहेगी जबतक पिछली परीक्षा में कम से कम 50% अंक हासिल करते रहेंगे। यही नहीं, इस योजना के लाभार्थी अल्पसंख्यक छात्रों-छात्राओं के लिए यह भी शर्त है कि वह इस तरह की किसी और योजना का लाभ न उठा रहे हों। हरियाणा में चालू वित्त वर्ष में अबतक 6,870 अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को इस सरकारी स्कॉलरशिप योजना का लाभ प्राप्त हो चुका है। (तस्वीरें- सांकेतिक)












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