देश का पहला पोल्ट्री वेस्ट बायोगैस प्लांट हरियाणा में लगा, मुर्गे की बीट से बन रही 12000 यूनिट बिजली

जींद। हरियाणा में जींद के पिल्लूखेड़ा से मोरखी जाने वाले रास्ते पर देश का पहला पोल्ट्री वेस्ट बायोगैस प्लांट स्थापित किया गया। जहां रोज करीब 12 हजार यूनिट बिजली बन रही है। इसके अलावा अब वहां सीएनजी भी बन सकती है। प्लांट लगाने वाले पोल्ट्री मालिक राजू मोर के मुताबिक, मुर्गाों की बीट से बिजली बनाने का आइडिया उन्हें अखबार में लिखे एक लेख से वर्ष 2010 में मिला था। जिसमें लिखा था कि, पोल्ट्री वेस्ट से बायो गैस भी बनाई जा सकती है और उससे निकलने वाले फर्टिलाइजर से भारी मात्रा में विद्युत उत्पादन हो सकता है।

know about Indias first poultry waste biogas plant, its installed in by jind district raju mor

गांव लुदाना निवासी राजू मोर कहते हैं, मैंने तभी प्लांट के बारे में सोच लिया था। पिल्लूखेड़ा से मोरखी जाने वाले रास्ते पर गांव गांगोली के पास यह काम शुरू किया और अब यह पूरा हो गया है। इसमें 14 करोड़ रुपए की लागत आई। फिलहाल 150 टन मुर्गे की बीट से 12 हजार यूनिट बिजली तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि, गांव गांगोली में रोज 10 लाख मुर्गे 150 टन बीट करते हैं। बिजली के साथ यहां सीएनजी बन सकती है।

सोसाइटी में होता यह है कि, जहां मुर्गे मुर्गियां होती हैं वहां से लोग नाक-मुंह चढ़ाकर निकलते हैं, लेकिन राजू मोर द्वारा यह प्लांट शुरू करने के कारण लोगों को बदबू से निजात मिल गई। वहीं, राजू को उसी बीट से लाखों रुपए की कमाई होने लगी। बीट से बिजली के साथ अब जैविक खाद भी तैयार हो रही है।

जानकारी के अनुसार, प्लांट में 12 से 15 हजार यूनिट बिजली प्रतिदिन तैयार कर निगम को दी जा रही है। जहां राजू का 10 साल का सपना पूरा हो गया है, वहीं मुर्गे पालने वाले लोगों को भी फायदा हो रहा है। वैसे, राजू बताते हैं कि, उनके फार्म पर 10 लाख मुर्गे हैं। यह भी बडी बात है।

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