Haryana Election Result 2024: हरियाणा में 1 लाख 78 हजार वोटों ने कैसे पलट दी कांग्रेस की बाजी, जानिए पूरा गणित
Haryana Assembly Election Result 2024: हरियाणा विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने लगातार तीसरी बार जीत हासिल करते हुए ऐतिहासिक सफलता दर्ज की है। ऐसा पहली बार हुआ है। जब हरियाणा के चुनावी इतिहास में किसी पार्टी ने इतनी बार लगातार सरकार बनाई है। भाजपा ने इस बार 48 सीटें जीतकर अपना अब तक का सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन किया। हालांकि जीत का अंतर बेहद कम रहा। क्योंकि भाजपा और कांग्रेस के बीच लगभग समान वोट शेयर रहा। जिससे चुनाव में दोनों पार्टियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा साफ नजर आई।
अंतिम मतगणना के मुताबिक भाजपा को 39.94 प्रतिशत वोट मिले। जबकि कांग्रेस को 39.09 प्रतिशत वोट हासिल हुए। भाजपा ने कांग्रेस से मात्र 1,18,198 वोटों की बढ़त ली। इसमें भाजपा को कुल 55,48,800 और कांग्रेस के 54,30,602 मिले। यह मामूली बढ़त चुनाव की प्रतिस्पर्धा को दर्शाती है। जहां हर एक वोट ने निर्णायक भूमिका निभाई।

आपको बता दें कि भाजपा ने 48 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया है। जबकि कांग्रेस 37 सीटों पर सिमट गई। इंडियन नेशनल लोकदल ने 2 सीटों पर कब्जा किया और 3 निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे। यह परिणाम हरियाणा में एक जटिल राजनीतिक माहौल का इशारा करते हैं। भले ही भाजपा की पकड़ मजबूत बनी रही। इस जीत के साथ भाजपा ने 2014 में जीती 47 सीटों का अपना रिकॉर्ड तोड़ा और राज्य की राजनीति में अपनी स्थिति मजबूत किया है।
राजनीति के जानकार बताते हैं कि चुनाव में कई भाजपा उम्मीदवारों ने बहुत ही कम अंतर से जीत दर्ज की। उचाना से देवेंद्र अत्री ने कांग्रेस के बृजेंद्र सिंह को मात्र 32 वोटों से हराया। जो इस चुनाव की सबसे कम अंतर की जीत रही। दादरी से सुनील सांगवान ने कांग्रेस की मनीषा सांगवान को 1,897 वोटों से हराया। जबकि पुंडरी से सतपाल जांभा ने कांग्रेस के बागी सतबीर भाना को 2,197 वोटों से पराजित किया।
इसी प्रकार होडल से भाजपा के हरिंदर सिंह ने हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष उदयभान को 2,595 वोटों से हराया। असंध से योगेंद्र राणा ने कांग्रेस के शमशेर गोगी को 2,306 वोटों से मात दी। अटेली से आरती सिंह ने बसपा के अतर लाल को 3,085 वोटों से हराकर जीत दर्ज की। ये परिणाम बताते हैं कि हरियाणा चुनाव में कई निर्वाचन क्षेत्रों में जीत और हार का फैसला बेहद कम अंतर से हुआ।
हालांकि भाजपा ने चुनाव में जीत का जश्न मनाया। कांग्रेस ने परिणामों पर सवाल उठाते हुए इलेक्ट्रॉनिक ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस ने कहा कि हरियाणा चुनाव परिणाम स्वीकार नहीं किए जाएंगे। ईवीएम पर सवाल उठाए जाएंगे। इसके अलावा कांग्रेस को आंतरिक कलह का भी सामना करना पड़ा। जहां 10 निर्वाचन क्षेत्रों में पार्टी के बागियों ने उसके खिलाफ चुनाव लड़ा। जिससे उसकी संभावनाओं पर प्रतिकूल असर पड़ा है।
इस चुनाव में भाजपा की लहर के बावजूद प्रदेश के 9 प्रमुख मंत्रियों को हार का सामना करना पड़ा है। जो राज्य की राजनीति में अप्रत्याशित चुनावी समीकरणों और मतदाताओं की बदलती भावनाओं को दर्शाता है।
हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 ने भाजपा के प्रभुत्व को एक बार फिर साबित कर दिया है। लेकिन चुनाव के दौरान सामने आई चुनौतियां और कांटे की टक्कर ने हरियाणा की राजनीति को रोचक बना दिया है।












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