अनंतनाग मुठभेड़ में शहीद मेजर आशीष के घर पहुंचे सीएम खट्टर, बोले- धोनक रहेंगे अमर
अनंतनाग के कोकरनाग के जंगल क्षेत्र में हाइडआउट को 10 से अधिक टीमों ने घेर रखा है। जिसके कारण आतंकियों को वहां से निकलना मुश्किल हो गया है। जवानों की शहादत के बाद सेना और पुलिस ने मिलकर एक बड़ा ऑपरेशन शुरू कर दिया है। वहीं आतंकियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए जवानों में शामिल मेजर आशीष धोनक के घर पहुंचकर सीएम मनोहर लाल खट्टर ने उनके परिवार की हर तरह से सुरक्षा दिलाने का भरोसा दिलाया है।
जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले में 13 सितंबर को सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में भारतीय सेना के एक कर्नल, एक मेजर और एक पुलिस अधिकारी की जान चली गई। जिसके बाद इलाके से आतंकियों के सफाए को लेकर चलाया जा रहा ऑपरेशन तेज हो गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक मुठभेड़ अनंतनाग जिले के कोकेरनाग इलाके में सुरक्षा बलों और छिपे आतंकवादियों के बीच हुई, जिसमें भारतीय सेना की 19 राष्ट्रीय राइफल के कर्नल मनप्रीत सिंह, पुलिस उपाधीक्षक हिमन्युन मुजामिल, मेजर आशीष धोंचाक शहीद हो गए थे।

हमले में शहीद हुए हरियाणा के जवान मेजर आशीष ढोंचक के परिवार से मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रविवार (17 सितंबर) को मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने परिवार का ढांढस बंधाया। मेजर आशीष के घर पहुंचे सीएम खट्टर ने शहीद का नाम अमर रखने का सभी प्रयास करने की बात कही। उन्होंने कहा, "मेजर आशीष ढोंचक एक होनहार युवक थे। वह अपनी 11 साल की सेवा में मेजर के पद तक पहुंचे। उनका नाम अमर रखने के लिए सरकार जो कुछ भी कर सकती है करेगी।"
सीएम ने आगे कहा कि मेजर आशीष बहुत ही होनहार थे। मेजर ने देश के बलिदान दिया है। परिवार के पूरी सहानुभूति है। ये मेजर के परिवार की विषम परिस्थिति है। वो घर में तीन बहनों के बीच अकेले भाई थे। सरकार सिस्टम से जो भी संभव होगा परिवार की पूरी मदद की जाएगी। 50 लाख की सहायता राशि नकद दी जा रही है। उनकी पत्नी को नौकरी दी जाएगी।












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