First Hydrogen Train: हरियाणा से चलेगी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन, इस दिन से होगी शुरुआत
First Hydrogen Train: भारत में रेलवे के इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि दर्ज होगी। इस ऐतिहासिक कदम की शुरुआत हरियाणा के जींद से होगी। देश की पहली हाइड्रोजन गैस से चलने वाली ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच दौड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक इस अत्याधुनिक ट्रेन का फाइनल लोड ट्रायल जनवरी में ही होगा। ट्रायल सफल रहा, तो औपचारिक मंजूरी के लिए इसे रेलवे की ओर से प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) भेजा जाएगा।
लंबे समय ये ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों के उपयोग की मांग की जा रही है। हाइड्रोजन ईंधन पर आधारित यह ट्रेन पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल मानी जा रही है। साथ ही, इसकी रफ्तार भी जबरदस्त रहेगी।

First Hydrogen Train: रेलवे के इतिहास में दर्ज होगी बड़ी उपलब्धि
- हाईड्रोजन ईंधन पर आधारित यह तकनीक प्रदूषण मुक्त है। इसके अलावा, ऊर्जा दक्षता की दिशा में भी एक उपयोगी कदम साबित होगी।
- इस ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है। रेलवे सूत्रों के मुताबिक, 9 किलोग्राम पानी से लगभग 900 ग्राम हाइड्रोजन गैस तैयार की जाएगी। इस गैस से ट्रेन करीब 1 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकेगी
- इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत जींद रेलवे स्टेशन पर स्पेन की ग्रीन एच कंपनी ने हाइड्रोजन गैस उत्पादन का अत्याधुनिक प्लांट लगाया है।
- यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा हाइड्रोजन प्लांट है, जिसे प्रधानमंत्री कार्यालय से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। प्लांट के संचालन के लिए रेलवे ने 1.5 मेगावाट का बिजली कनेक्शन लिया है।
Hydrogen Train News: चेन्नई में तैयार होंगे ट्रेन के कोच
इस ट्रेन का निर्माण चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में किया गया है। ट्रेन में कुल 16 कोच और 4 ड्राइवर पावर कार तैयार की गई हैं। इनमें से 2 डीपीसी और 8 यात्री कोचों के साथ 26 जनवरी से जींद-सोनीपत के बीच 90 किलोमीटर का ट्रायल रन प्रस्तावित है। ट्रेन के दोनों सिरों पर पावर कार लगाई गई हैं और सुरक्षा कारणों से दोनों ड्राइवर दरवाजे बंद होने के बाद ही ट्रेन को रवाना किया जाएगा।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ट्रेन को प्रति घंटे 35 से 40 हजार लीटर पानी की जरूरत होगी, जिससे हाइड्रोजन गैस का उत्पादन किया जाएगा। ट्रायल के बाद रेलवे, आरडीएसओ और स्पेन की ग्रीन एच कंपनी संयुक्त रूप से रिपोर्ट तैयार करेंगी। सभी मानकों पर सफल पाए जाने पर प्रधानमंत्री खुद इस ट्रेन को हरी झंडी दिखा सकते हैं।
हाईड्रोडन ट्रेन की तकनीकी विशेषताएं
पावर और ऊर्जा प्रणाली:
1.ट्रेन के आगे और पीछे ड्राइवर पावर कार
2.प्रत्येक डीपीसी में 1200 हॉर्स पावर का मोटर इंजन
3.फ्यूल सेल से 3750 एम्पीयर डीसी करंट का उत्पादन
4.ट्रेन में एसी, लाइट, पंखे हाइड्रोजन ऊर्जा से संचालित
यात्री सुविधाएं:
1.मेट्रो की तर्ज पर डिजिटल डिस्प्ले सिस्टम
2.हर कोच में डिस्प्ले पर आने वाले स्टेशन की सूचना प्रसारित होगी
3.दोनों ओर स्वचालित दरवाजे
स्टोरेज क्षमता:
1. 3,000 किलोग्राम हाइड्रोजन स्टोरेज की क्षमता
2. 7,680 किलोग्राम ऑक्सीजन स्टोरेज की व्यवस्था
3. दो बड़े स्टोरेज टैंक बनाए गए हैं












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