लाठीचार्ज के विरोध में आज करनाल की सड़कों पर उतरेंगे किसान, धारा 144 लागू, इंटरनेट सेवा बंद
करनाल, 6 सितंबर: हरियाणा के करनाल जिले में 28 अगस्त को बीजेपी ने एक बैठक बुलाई थी। जिसका किसानों ने जमकर विरोध किया। उस दौरान हालात नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। जिसमें बहुत से किसान घायल हुए। इसके विरोध में किसान संगठनों ने 7 सितंबर को घेराव का आह्वान किया है, जिसको देखते हुए करनाल जिला प्रशासन ने मंगलवार को इंटरनेट सेवाओं को बंद करने का फैसला किया। साथ ही संवेदनशील जगहों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वहीं शाम को शासन ने एक दूसरा आदेश जारी किया, जिसके तहत कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद और पानीपत भी इंटरनेट सेवा बैन रहेगी।

मामले में जिलाधिकारी निशांत कुमार यादव ने कहा कि रात 12.30 बजे (मंगलवार) से सभी प्रकार की दूरसंचार इंटरनेट सेवाएं (2जी/3जी/4जी/सीडीएमए/जीपीआरएस), एसएमएस और मोबाइल नेटवर्क पर दी जाने वाली डोंगल सेवाएं निलंबित रहेंगी। उस दौरान सिर्फ वॉयल कॉल की छूट मिलेगी। इसके साथ ही 7 सितंबर के मिनी सचिवालय घेराव को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। जिसको लेकर सोमवार को बैठक भी हुई। डीएम के मुताबिक पूरे जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है। साथ ही सभी सार्वजनिक सभाओं को निलंबित करने का आदेश दिया गया है। कुछ जगहों पर विरोध की आशंका के चलते रूट डायवर्जन रहेगा।
वहीं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) नवदीप सिंह विर्क ने कहा कि करनाल रेंज के पुलिस महानिरीक्षक और करनाल रेंज के जिला पुलिस अधीक्षकों को सतर्क रहने को कहा गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 44 (अंबाला-दिल्ली) पर करनाल के आसपास यातायात बाधित हो सकता है। ऐसे में लोग इस पर यात्रा करने से बचें। हालांकि प्रशासन की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था कर दी गई है।
क्या है किसानों की मांग?
लाठीचार्ज वाले दिन एसडीएम का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वो प्रदर्शनकारियों का सिर फोड़ने के निर्देश दे रहे थे। किसानों की मांग है कि उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस पर डीएम ने कहा कि उन्होंने किसान संगठनों से बात की है, लेकिन उनकी मांगें जायज नहीं हैं। वो अपने किसी भी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं करेंगे।












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