क्या EVM चार्चिंग लेवल का काउंटिग डेटा पर होता है असर? कांग्रेस ने गढ़ी कहानी तो ECI ने बताया पूरा सच
Haryana Chunav Result: कांग्रेस ने कांग्रेस में हार का ठीकरा फिर से ईवीएम पर फोड़ा। एक बयान में कहा गया कि जिस ईवीएम की चार्जिंग लेवल 60-70 प्रतिशत के बीच था, उसके जरिए सही काउंटिंग हुई, जबकि जिस वोटिंग मशीन का चार्जिंग लेवल 99 प्रतिशत था उसकी काउंटिंग में गड़बड़ रिजल्ट दिखाने की गुंजाइश है।
कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि विधानसभा के नतीजे पूरी तरह से अप्रत्याशित हैं उन्होंने दावा किया हिसार, महेंद्रगढ़ और पानीपत से लगातार शिकायतें आ रही हैं। उन्होंने दावा किया है कि जिन ईएमएम मशीनों की बैटरी प्रतिशत 99% थीं, उनमें हमारा उम्मीदवार हारता हुआ दिख रहा है और जिन मशीनों की बैटरियां 60-70% चार्ज थीं, उनमें हमारा उम्मीदवार जीतता हुआ दिख रहा।

पवन खेड़ा ने आगे कहा, "यह लोकतंत्र की हार है। हम इसे स्वीकार नहीं कर सकते। हम शिकायतें इकट्ठी कर रहे हैं। हमारे उम्मीदवारों ने वहां रिटर्निंग अफसरों को शिकायतें दी हैं और अभी भी दे रहे हैं। आने वाले दिनों में हम जल्द ही इन सभी शिकायतों को लेकर चुनाव आयोग जाएंगे और वहां अपनी शिकायत दर्ज कराएंगे।"
कांग्रेस के आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने इसको लेकर प्रतिक्रिया दी है। आयोग के सूत्रों के मुताबिक ईवीएम की विश्वसनीयता पूरी तरह निराधार है। इसमें किसी भी तरह की छेड़छाड करा संभव नहीं है। कांग्रेस की ओर से बैटरी को लेकर जो शंकाएं उठाई गई हैं वे पूरी तरह अप्रासंगिक हैं। ईवीएम में अल्कालाइन बैटरी होती है जो खुद चार्ज होती है।
बता दें कि कांग्रेस नेताओं आरोप लगाया कि हिसार, महेंद्रगढ़ और पानीपत से शिकायतें मिली हैं कि 99 प्रतिशत बैटरी वाली ईवीएम पर भाजपा जीती जबकि 60-70 प्रतिशत बैटरी वाली मशीनों पर कांग्रेस जीती।












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