हरियाणा में सस्ती हुई बिजली, कंपनियों द्वारा अब FSA नहीं लिया जाएगा, मंत्री बोले- यह ऐतिहासिक फैसला
चंडीगढ़। हरियाणा में बिजली की दरों में कटौती हुई है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बिजली की दर 37 पैसे प्रति यूनिट सस्ती करने की घोषणा की है। साथ ही कहा है कि, बिजली वितरण कंपनियों द्वारा अब से एफएसए नहीं लिया जाएगा। माना जा रहा है कि, सरकार के फैसले से बिजली उपभोक्ताओं को लगभग 100 करोड़ रुपए प्रतिमाह की राहत मिलेगी। वहीं, हरियाणा के बिजली मंत्री रणजीत सिंह ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताया।

37 पैसे प्रति यूनिट सस्ती हुई बिजली
बिजली मंत्री रणजीत सिंह बोले कि, हमारी सरकार का बिजली दरों में कटौती करने का फैसला ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि, वर्तमान सरकार से पहले बिजली दरों में कभी भी इतनी भारी कटौती नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि, प्रति यूनिट 37 पैसे रेट कम होने से घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति वर्ष 1200 करोड़ रुपए की बचत होगी। इस प्रकार से बिजली दरों में भारी छूट देकर हमारी सरकार ने आमजन को बड़ी राहत दी है। मंत्री ने दावा किया कि, हरियाणा के बिजली वितरण निगम देशभर में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहे हैं।

गुजरात के बाद हरियाणा दूसरे नंबर पर
हरियाणा के बिजली मंंत्री के मुताबिक, हाल ही में केंद्रीय बिजली मंत्री आर.के सिंह द्वारा जारी नई रेटिंग के अनुसार गुजरात के बाद हरियाणा देशभर में दूसरे नंबर पर है। उन्होंने कहा कि, हमारे प्रदेश के बिजली वितरण निगम पहले से मजबूत हुए हैं और राजस्व भी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब बिजली की कोई कमी नहीं है। मंत्री के अलावा सरकार के स्पोक्सपर्सन ने जानकारी देते हुए कहा कि, बेहतर योजना के कारण डिस्कॉम ने वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 46 पैसे प्रति यूनिट की औसत बिजली खरीद लागत में कमी हासिल की है। उन्होंने कहा कि, यह एचईआरसी द्वारा की गई एफएसए गणना में भी परिलक्षित हुआ है जहां एफएसए नकारात्मक है।

100 करोड रुपये प्रतिमाह की राहत मिलेगी
बिजली मंत्री के मुताबिक, हरियाणा सरकार ने अब से उपभोक्ताओं से लिए जा रहे 37 पैसे एफएसए को माफ करने का भी निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि, इससे बिजली उपभोक्ताओं को लगभग 100 करोड रुपये प्रतिमाह की राहत मिलेगी। बिजली मंत्री का कहना है कि, हरियाणा सरकार ने राज्य के बिजली उपभोक्ताओं को सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि, पिछले कुछ वर्षों में हरियाणा बिजली वितरण कंपनियों का क्रियाकलाप बदला है और उनका उत्कृष्ट प्रदर्शन बिजली मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा किए गए बिजली डिस्कॉम की एकीकृत रेटिंग में भी परिलक्षित होता है, जहां हरियाणा गुजरात के बाद दूसरे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में उभरा है।












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