वृंदा करात ने आर्यन मिश्रा के परिजनों से की मुलाकात, सरकार पर लगाए गौरक्षकों को संरक्षण देने के आरोप

Haryana News: मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की नेता वृंदा करात ने फरीदाबाद में गौरक्षकों द्वारा मारे गए युवक आर्यन मिश्रा के परिवार से मुलाकात की है। उन्होंने हरियाणा सरकार पर गौरक्षकों को बेखौफ होकर काम करने की अनुमति देने का आरोप लगाया है। करात ने मिश्रा के परिवार के लिए मुआवजे की मांग की और कथित मिलीभगत के लिए पुलिस की आलोचना भी की है।

वृंदा करात ने कहा कि हम मिश्रा परिवार के साथ एकजुटता व्यक्त करने आए हैं। दिल्ली और फरीदाबाद, हरियाणा से मेरे साथी और हम सभी यहां हैं। आर्यन मिश्रा की हत्या हरियाणा सरकार की नीतियों के कारण हुई। जिसके तहत गौरक्षकों को गौरक्षा के नाम पर कानून अपने हाथ में लेने का लाइसेंस दिया गया है।

vrinda karat

कम्युनिस्ट नेता वृंदा करात ने आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार की नीतियों ने अपराधियों को बढ़ावा दिया है। जो जबरन वसूली और भ्रष्टाचार के लिए गौ रक्षा का दुरुपयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि इन गौ रक्षकों ने मिश्रा की कार का सीसीटीवी कैमरों से लैस सड़क पर 30 किलोमीटर तक पीछा किया। बिना लाइसेंस के हथियार लेकर उन्हें गोली मारकर भाग गए।

उन्होंने कहा कि यह अकल्पनीय और अविश्वसनीय है कि उन्होंने 30 किलोमीटर तक उस सड़क पर कार का पीछा किया। जहां हर कुछ दूरी पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। इसके बाद उन्होंने अपनी कार में बिना लाइसेंस वाले हथियार रखे हुए थे। उन्होंने उसे गोली मार दी और फिर मौके से भाग गए।

सीपीएम नेता ने मिश्रा के परिवार के लिए पूरा मुआवजा और उनके एक भाई को नौकरी देने की मांग की है। उन्होंने परिवार के लिए पूरी सुरक्षा की भी मांग की। अधिकारियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया न मिलने की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से एक भी व्यक्ति एकजुटता और दुख व्यक्त करने के लिए यहां नहीं आया है। आज हम कहां हैं। कोई मानवता नहीं बची है।

वृंदा करात ने कहा कि भारत की राजधानी के नजदीक होने के बावजूद ऐसी घटनाएं गंभीर अराजकता को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि मिश्रा की जाति के बारे में सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर वह मुस्लिम होते तो मामला अलग होता। इनमें से प्रत्येक अपराध में पुलिस पूरी तरह से शामिल है। यह शर्म की बात है कि आज भारत में राजधानी के नजदीक हमें यह सुनना पड़ रहा है कि अगर वह मुस्लिम होते तो ठीक होता। वह ब्राह्मण हैं। इसलिए वे सवाल उठा रहे हैं।

सीपीएम नेता ने कहा कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने भी बुलडोजर न्याय के खिलाफ बात कही है। करात ने इस घटना के लिए भाजपा और हरियाणा सरकार दोनों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि यह गोरक्षा के नाम पर अन्याय है। भाजपा को जवाब देना चाहिए। हरियाणा सरकार को जवाब देना चाहिए।

आपको बता दें कि आर्यन मिश्रा की 23 अगस्त को हाईवे पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पांचों आरोपियों सौरभ, अनिल कौशिक, वरुण, कृष्णा और आदेश को 28 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था।

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