इमरजेंसी में कांग्रेस के मुखर चेहरे बंसीलाल की पुत्रवधू-पोती पार्टी छोड़ BJP में शामिल, किसे नफा-किसे नुकसान?
Kiran-Shruti Chaudhary Join BJP: इस साल के लोकसभा चुनाव में मनमुताबिक नतीजे हाथ न लगने के बाद अब बीजेपी ने आगामी हरियाणा विधानसभा चुनाव पर फोकस कर दिया है। इसी कड़ी में, कांग्रेस को बुधवार को बीजेपी ने झटका दिया है। जब इमरजेंसी में कांग्रेस के मुखर चेहरे रहे व तीन बार हरियाणा सीएम रहे चौधरी बंसीलाल की पुत्रवधू किरण चौधरी और पोती श्रुति चौधरी ने कांग्रेस से नाता तोड़ दिया और बीजेपी का दामन थामा।
इस मौके पर हरियाणा के सीएम नायब सैनी, पूर्व सीएम मनोहर लाल समेत भाजपा के बड़े नेता मौजूद रहे। आइए जानते हैं कौन है किरण चौधरी और श्रुति चौधरी ? कांग्रेस से बीजेपी में जाने पर किसे कितना फायदा होगा?

कौन हैं किरण चौधरी?
किरण चौधरी का जन्म 5 जून 1955 को हुआ था। इनके पति सुरेंद्र सिंह भी कांग्रेस नेता थे और 2005 में उनका देहांत एक विमान दुर्घटना में हुआ। इनके ससुर चौधरी बंसीलाल तीन बार हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे। दो बार कांग्रेस के साथ और तीसरी बार उन्होंने कांग्रेस पार्टी से अलग होकर हरियाणा विकास पार्टी (एचवीपी) का गठन किया। विधानसभा चुनाव में बीजेपी के साथ गठबंधन किया और मुख्यमंत्री बने। शादी के बाद से ही किरण का राजनीति की तरफ रूख होना शुरू हो गया था।
कैसा रहा सियासी सफर?
- किरण चौधरी का राजनीति में प्रवेश 1996 में हुआ, जब वे भिवानी लोकसभा सीट से चुनी गईं। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।
- 2005 में, वे तोशाम विधानसभा सीट से चुनी गईं।
- 2009 और 2014 के विधानसभा चुनावों में भी उन्होंने जीत दर्ज की।
- वे हरियाणा विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष भी रही हैं।
- किरण चौधरी ने हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में कई महत्वपूर्ण विभागों को संभाला है। जैसे स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, और पर्यटन।
कितनी करोड़ की हैं मालकिन?
- एडीआर के मुताबिक, 2019 में दाखिल हलफनामे में 51 करोड़ की संपत्ति दिखाई गई है। वहीं, इनपर 69 लाख की देनदारियां हैं।
कितनी पढ़ी-लिखी हैं?
- 1986: चंडीगढ़ स्थित पंजाब विश्वविद्यालय से एलएलबी किया।
- 1975: हरियाणा के भिवानी आदर्श कॉलेज से बीए किया।
कौन हैं श्रुति चौधरी?
श्रुति चौधरी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) की प्रमुख नेता और पूर्व सांसद हैं। इनका जन्म 1976 में हुआ था। वे एक राजनीतिक परिवार से आती हैं, उनके दादा चौधरी बंसीलाल, हरियाणा के तीन बार के पूर्व मुख्यमंत्री हैं। वहीं, पिता सुरेंद्र सिंह, कांग्रेस के नेता थे। इनकी मां कांग्रेस की वरिष्ठ नेता किरण चौधरी हैं। हरियाणा विधानसभा में विधायक हैं। श्रुति पेशे से अधिवक्ता हैं। इनकी शादी अरुणाभ चौधरी से हुई है।
कैसा रहा सियासी सफर?
- 2009: लोकसभा चुनाव में भिवानी-महेंद्रगढ़ सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था।
- 2014 और 2019: लोकसभा चुनावों में भी उम्मीदवार रही हैं, लेकिन वे हार गईं।
कितनी करोड़ की हैं मालकिन?
- एडीआर के मुताबिक, 2019 में दाखिल हलफनामे में 101 करोड़ से अधिक की संपत्ति दिखाई गई है। वहीं, इनपर 15 करोड़ से अधिक की देनदारियां हैं।
कितनी पढ़ी-लिखीं हैं?
- 2000: बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा यूपी से स्नातक व्यावसायिक एलएलबी।
- दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए (ऑनर्स)।
किसको नफा-नुकसान?
किरण चौधरी और श्रुति चौधरी का कांग्रेस से अलग होना पार्टी को काफी नुकसान पहुंचा सका है। क्योंकि, दोनों राज्य की राजनीति में मजबूत पकड़ रखती हैं। इनका राजनीतिक इतिहास बताता है कि 1996 विधानसभा चुनाव में, इनके ससुर बंसीलाल ने कांग्रेस पार्टी से अपना नाता तोड़ा था। तब अलग होकर हरियाणा विकास पार्टी (एचवीपी) का गठन करके बीजेपी के साथ गठबंधन किया था। जिसके बाद ही तीसरी बार बंसीलाल सीएम बन सके थे।












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