Nuh Violence: CPI के 4 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पहुंचा नूंह, पुलिस प्रशासन ने गांवों में जाने से रोका
Nuh Violence: CPI का 4 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पहुंचा नूंह, पुलिस प्रशासन ने गांवों में जाने से पहले रोका
Haryana Nuh Violence: हरियाणा के नूंह में 31 जुलाई को विश्व हिंदू परिषद की ओर से आयोजित पदयात्रा में पथराव के बाद हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद अब स्थिति सामान्य हो रही है। लेकिन इस पर सियासत अभी भी जारी है। इसी कड़ी में भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी (CPI) के चार सदस्य हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने पहुंचे।
दरअसल, नूंह में हिंसा के बाद इसका प्रभाव हरियाणा के और जिलों में भी देखा गया। गुरुग्राम में भी नूंह के बाद तनाव पैदा हुआ। ऐसे में खट्टर सरकार को कांग्रेस सहित और विपक्षी दलों ने जमकर घेरा। इसी कड़ी में CPI का चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने पहुंचा।

पुलिस ने CPI डेलिगेशन को रोका
सीपीआई का चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल, जो हरियाणा के गुरुग्राम और नूंह में हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहा था, उसे नूंह जिले के पास प्रभावित गांवों में प्रवेश करने से पहले पुलिस ने रोक दिया।
पुलिस ने धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा के साथ-साथ प्रतिनिधिमंडल की सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए उन्हें आगे जाने से रोक दिया। जिसके बाद सीपीआई प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने पुलिस से सवाल जबाव किए।
पुलिस प्रशासन की तरफ से रोके जाने के बाद सीपीआई सांसद बिनॉय विश्वम ने कहा, "हमने देखा है, आज देश की यही दुर्दशा है। आज की हकीकत यह है कि पुलिस हमें भी इजाजत नहीं दे रही है। यानी इस नियम के तहत आने-जाने की आजादी पर भी रोक है। हमें यहां रोका गया है और हम उस पर विरोध करना चाहते थे। लेकिन हम यहां झगड़ा पैदा नहीं करना चाहते।''
हिंसा प्रभावित लोगों से मुलाकात
इससे पहले सीपीआई की ओर से जानकारी देते हुए बताया गया था कि नूंह और गुरुग्राम के हिंसा प्रभावित इलाकों में भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी का डेलिगेशन पहुंचेगा। जहां हिंसा और तोड़फोड़ के पीड़ितों से मुलाकात करेगा और इलाके में शांति बहाली का प्रयास करेगा।
चार सदस्य डेलिगेशन में पार्टी के राष्ट्रीय सचिव और सांसद बिनॉय विश्वम, महासचिव अमरजीत कौर, सांसद संतोष कुमार पी और सीपीआई के हरियाणा के सचिव दरियाव सिंह कश्यप शामिल हैं।












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