UP News: मां का शव लेकर आई एंबुलेंस रोकी गई, MLA की कार निकल गई, बेटा स्ट्रेचर पर शव लेकर पार किया पुल
UP News: यूपी के हमीरपुर में शनिवार को यमुना पुल पर एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने सरकारी व्यवस्थाओं की संवेदनहीनता की पोल खोल दी। एक मजदूर के बेटे को अपनी मां का शव लेकर पुल पार करना पड़ा, क्योंकि एंबुलेंस को आगे बढ़ने नहीं दिया गया।
यह घटना सुबह 9:30 बजे की है, जब टेढ़ा गांव निवासी मानसिंह उर्फ बिंदा और उनके भाई जय सिंह अपनी मां शिवदेवी का शव लेकर कानपुर से लौट रहे थे। यमुना पुल मरम्मत के चलते बंद था, लेकिन कुछ देर पहले ही एक विधायक की कार को निकलने दिया गया था।

पुल पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने एंबुलेंस को रोक दिया। इसके बाद मजबूरी में दोनों भाइयों ने स्ट्रेचर पर शव रखा और 900 मीटर लंबा पुल पैदल पार किया। इस दौरान चार बार शव नीचे रखकर सुस्ताना पड़ा। किसी ने मदद नहीं की।
एंबुलेंस रोकी, लेकिन विधायक की कार को मिली छूट
बताया जा रहा है कि पुल पर मरम्मत कार्य शनिवार सुबह छह बजे से शुरू हुआ था और सभी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया था। लेकिन सुबह 6:44 बजे एक विधायक की कार को जाने दिया गया। बैरिकेडिंग भी हटा दी गई थी।
जब तीन घंटे बाद एक शव लेकर एंबुलेंस वहां पहुंची, तो उसे रोक दिया गया। सुरक्षाकर्मियों ने नियमों का हवाला देते हुए एंबुलेंस को जाने से मना कर दिया। वीआईपी के लिए नियम अलग और आम जनता के लिए कुछ और।
बेटे द्वारा बताया गया कि उसकी मां शिवदेवी की मृत्यु इलाज के दौरान हुई थी। उनके दोनों बेटे मां का शव गांव ला रहे थे। जब रास्ता बंद मिला, तो उन्होंने किसी तरह स्ट्रेचर पर शव उठाया और पैदल पुल पार करने लगे।
अब भी जारी है मरम्मत, रास्ता बना परेशानी का कारण
यमुना पुल की मरम्मत के कारण हर शनिवार सुबह छह बजे से अगले 48 घंटे तक यातायात बंद रहता है। मरम्मत का काम 10 नंबर पिलर पर चल रहा है, जहां बेयरिंग बदली जा रही हैं।
इस दौरान कानपुर-सागर हाईवे पर आवागमन पूरी तरह बाधित रहता है। लोगों को कुरारा-मनकी मार्ग से होकर जाना पड़ रहा है, जो न केवल लंबा है, बल्कि बेहद खराब स्थिति में है।
कुरारा से मनकी तक का 25 किलोमीटर का मार्ग गड्ढों से भरा है। 10 किलोमीटर सड़क पूरी तरह उबड़-खाबड़ है। सिंगल रोड होने के कारण वाहन चालकों को बार-बार रुकना पड़ता है।
वाहनों की क्रॉसिंग में काफी दिक्कत होती है। कई जगहों पर मिट्टी की वजह से गाड़ियां फंस जाती हैं। ओवरलोडेड ट्रक अब इस रास्ते से नहीं गुजर रहे और जोल्हूपुर मार्ग की ओर मोड़ दिए गए हैं।
पीएनसी प्रोजेक्ट मैनेजर एमपी वर्मा ने कहा कि शव स्ट्रेचर पर ले जाने की जानकारी उन्हें मीडिया के जरिए मिली। उन्होंने कहा कि पैदल आवागमन पर रोक नहीं है और आमजन को सुविधाएं देने की कोशिश की जा रही है।












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