Gwalior News: 5 दिन से जर्मनी में है बेटे का शव, आखिरी बार देखने को तरस रहे माता-पिता, हर जगह लगा रहे गुहार
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Gwalior News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के एक परिवार पर दुखों का पहाड़ गिर पड़ा है। शहर के प्रणीत राठौर जर्मनी में जॉब करते थे।प्रणीत की पांच दिन पहले मौत हो गई। रो-रोकर उनके परिवार के लोगों का बुरा हाल है। प्रणीत के पिता अपने बेटे का डेड बॉडी भारत लाने के लिए परेशान हैं।
जानकारी के मुताबिक, प्रणीत जर्मनी के म्यूनिख शहर में एक निजी कंपनी में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी करते थे। बीते पांच दिनों से ग्वालियर में निवासरत उनका परिवार डेड बॉडी को भारत लाने के लिए परेशान है। पीएम ऑफिस से लेकर ग्वालियर के दोनों केंद्रीय मंत्रियों और प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को प्रणीत के पिता ने पत्र लिखकर अपने बेटे के डेड बॉडी को भारत लाने में मदद करने की गुहार लगाई है।

ग्वालियर के ललितपुर कॉलोनी में रहने वाले बाबू सिंह राठौर के बेटे प्रणीत राठौर निजी कंपनी में इएसएसटीटीआई मैं नौकरी करते थे। वो पिछले 3 वर्षों से जर्मनी के म्यूनिख शहर में कार्यरत थे। 13 अगस्त की रात घर लौट कर सोने के बाद सुबह जब उनकी पत्नी ने जगाया तो प्रणीत उठ नहीं सके। जब डॉक्टर को दिखाया गया तो पता लगा कि प्रणीत की मौत हो चुकी है। जिसके बाद डेड बॉडी को मोर्चरी में रखा गया है।
प्रणित के अनुसार पिछले पांच दिनों से उन्होंने अपने बेटे के डेड बॉडी को वापस भारत गृह नगर में लाने के लिए हर संभव प्रयास किया है। उनकी बहू नीलम राठौर और उनका 7 साल का बच्चा भी म्यूनिख शहर में है। प्रणीत की मौत के बाद पत्नी और बच्चा पूरी तरह से अकेले पड़ चुके हैं।
पीएमओ ऑफिस, विदेश मंत्रालय, भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस संबंध में प्रणीत के पिता ने ट्वीट कर मदद मांगी है। उन्होंने पत्र भी लिखे हैं। लेकिन अभी तक उन्हें कोई मदद नहीं मिल पाई है। बेटे के जाने के बाद पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट चुका है। और बेटे के अंतिम संस्कार में हो रही देरी के कारण पूरे परिवार का रो रो कर बुरा हाल है।
जिसके कारण उन्होंने एक प्राइवेट कंपनी की भी मदद ली है। जिससे बेटे की डेड बॉडी को जल्द से जल्द अपने गृह नगर लाकर उनका अंतिम संस्कार किया जा सके।












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