लोगों में पत्थर-गिट्टी की खदानों के लिए आवेदन करने की होड़, अकेले ग्वालियर से 261 लोग कतार में
ग्वालियर। पत्थर के कारोबार में अपनी किस्मत आजमाने वालों का ढेर लग गया है। ग्वालियर ही नहीं पूरे प्रदेश में पत्थर-गिट्टी की खदानों के शौकीनों ने पोर्टल पर आवेदन की कतार लगा दी है। ई-खनिज पोर्टल पर ग्वालियर में 261 आवेदन आ चुके हैं तो प्रदेश में सबसे आगे छतरपुर है, जहां आंकड़ा हजार पार है। ग्वालियर में खास बात यह कि जहां न पत्थर मौजूदा समय में है न पहले कभी था, वहां खदानों का संचालन हुआ।

ज्ञात रहे कि प्रदेश सरकार ने इस बार प्रदेश में अलग-अलग तरह के पत्थर व गिट्टी की खदान संचालन के लिए आनलाइन सिस्टम किया है। इससे पहले पूरा काम आफलाइन होता था, लेकिन अब पांच गुना ज्यादा फीस लेकर शासन ने आनलाइन सिस्टम कर दिया है। एक निर्धारित प्रोसेस के तहत आवेदन किया जाता है और कोई भी घर बैठे यह आवेदन कर सकता है।
वर्ष 2020-21 में 4303 आवेदन, 19 हजार पेंडिंग
प्रदेश के सभी जिलों में पत्थर-गिट्टी के इस साल यानी 2020-21 मंे 4303 आवेदन अभी तक आ चुके हैं, यह सिलसिला अभी जारी है। वहीं पुराने पेडिंग आवेदनों के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो यह आंकड़ा 19 हजार पार है। फरवरी 2020 में यह सिस्टम शुरू किया गया था और जनवरी 2021 में आवेदन डलना शुरू हो गए थे।
ग्वालियर में बेरजा टॉप पर
ग्वालियर में सबसे ज्यादा आवेदन बेरजा क्षेत्र के लिए हैं। यह मुरार सब डिवीजन में आता है और यहां पहले से संचालित कुछ खदानों के कारण बेरजा के लिए सबसे ज्यादा आवेदन किए जा रहे हैं। आनलाइन सिस्टम में सर्वे नंबर सामने दिखने के कारण लोगों ने एक-दूसरे की होड़ में आवेदन डाल दिए हैं। बेरजा के अलावा घाटीगांव, पारसेन, लिधौरा, बिल्हेटी, चंदनपुरा, जखौदा, पार गांव, डबरा सहित कई जगहों के लिए आवेदनों का ढेर लगा हुआ है।
यूपी-राजस्थान के लोगों ने ग्वालियर में डाले आवेदन
ग्वालियर में पत्थर की खदान चलाने के लिए यूपी व राजस्थान राज्यों तक से लोगों ने आवेदन डाले हैं। यह ऐसे लोग हैं, जहां पहले से अपने राज्य में तो कारोबार कर ही रहे हैं और अब प्रदेश में अपने कारोबार को और फैलाना चाहते हैं। ग्वालियर के अलावा जबलपुर, इंदौर, दतिया वह आसपास के लोगों ने भी खूब आवेदन किए हैं।
ई-खनिज के माध्यम से पत्थर की खदान के लिए आनलाइन आवेदन हुए हैं। लोगों ने एक-दूसरे की देखा-देखी भी आवेदन काफी डाले हैं। आवेदनों का नियमानुसार निराकरण किया जा रहा है। बाहर के लोगों ने भी आवेदन किए हैं।
-गोविंद शर्मा, जिला खनिज अधिकारी, ग्वालियर












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