Gwalior News: PWD के कार्यपालन यंत्री को लोकायुक्त ने रिश्वत लेते धर दबोचा, कलेक्टर के बंगले के किया था काम
संवाद सूत्र- पंकज श्रीमाली
पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री को रिश्वत लेते लोकायुक्त ने पकड़ा है. लोकायुक्त कार्यालय ग्वालियर ने य़ह कार्यवाही की है लोकायुक्त ने फरियादी की शिकायत पर कार्यपालन यंत्री ई एंड एम को रंगे हाथ पकड़ा है। इसके बाद लोकायुक्त पुलिस द्वारा विधि संवत कार्रवाई की जा रही है।
बताया जा रहा है कि बिल पास करने के लिए लिए 15000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। अभी आगे की कार्रवाई जारी है।

लोकायुक्त टीम को देखते ही बिगड़ी तबीयत बुलानी पड़ी एम्बुलेंस
लोकायुक्त ने जैसे ही आरोपी को पकड़ा उसकी तबीयत बिगड़ गई और लोकायुक्त को एंबुलेंस से चिकित्सीय सहायता बुलानी पड़ी. इसके साथ ही लोकायुक्त की टीम द्वारा पकड़े गए आरोपों के अन्य परिजनों को भी मौके पर बुला लिया गया।
दरअसल, फरियादी महेंद्र सिंह बैस पुत्र अतर सिंह बैस निवासी ठाकुर मोहल्ला गौस पूरा ग्वालियर की शिकायत पर लोकायुक्त पुलिस द्वारा ग्वालियर के व्यापार मेला परिषद विद्युत केंद्र के पास पी के गुप्ता कार्यपालन यंत्री ई एंड एम को रिश्वत राशि 15000 रुपये लेते गिरफ्तार किया है मेला विधुत केंद्र के पास ग्वालियर व्यापार मेला परिसर में देर शाम हुई इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया।
कलेक्टर भिंड के बंगले पर लाइट फिटिंग कार्य का बिल पास करने के एवज में मांगी थी रिश्वत
आवेदक महेन्द्र बेश के द्वारा कलेक्टर भिंड के बंगले पर लाइट फिटिंग का कार्य माह नवम्बर में किया था जिसके तीन लाख रुपये के बिल पास करने के एवज में आरोपी द्वारा 75000 रुपये रिश्वत की मांग की गई जिसमें ₹50000 का भुगतान पहले ही हो चुका था और आज देर शाम 15000 रुपये जैसे ही फरियादी ने कार्यपालन यंत्री को दिए लोकायुक्त ने उसे ट्रेस कर लिया।
डी एस पी राघवेंद्र ऋषीश्वर के नेतृत्व में हुई कार्रवाई
लोकायुक्त के ग्वालियर कार्यालय में पदस्थ डी एस पी राघवेंद्र ऋषिस्वर के नेतृत्व में यह कार्रवाई हुई इस दौरान लोकायुक्त विभाग के विनोद सिंह कुशवाह, इंस्पेक्टर कवीन्द्र सिंह चौहान, आराधना डेविस एवम अन्य 12 सदस्यीय दल यहां मौजूद रहा।












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