जानिए कौन है शोभा सिकरवार जिसने ढहा दिया बीजेपी का 57 साल पुराना किला

ग्वालियर में बीजेपी को करारी हार देने वाली शोभा सिकरवार के बारे में जानिए आखिर कौन है शोभा सिकरवार

ग्वालियर, 18 जुलाई। कांग्रेस प्रत्याशी शोभा सिकरवार ने बीजेपी के 57 साल पुराने किले को ढहा दिया। ग्वालियर नगर निगम की महापौर सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी शोभा सिकरवार ने ऐतिहासिक जीत दर्ज कराई है। शोभा सिकरवार ने बीजेपी के किले में सेंध लगाने की बजाय पूरे किले को ही ढहाने का काम किया है। आखिर कौन है ये शोभा सिकरवार जिसने बीजेपी को इतनी करारी मात दी है, हम आपको बताते हैं शोभा सिकरवार के पूरे राजनीतिक कैरियर के बारे में।

तीन बार की पार्षद रह चुकी हैं शोभा सिकरवार

तीन बार की पार्षद रह चुकी हैं शोभा सिकरवार

शोभा सिकरवार ने साल 2004 में ग्वालियर नगर निगम के वार्ड क्रमांक 40 से पार्षद का चुनाव लड़ा था। पहली बार में ही शोभा सिकरवार ने अपनी जीत दर्ज कराई थी। जिसके बाद साल 2009 में शोभा सिकरवार ने वार्ड 56 से एक बार फिर से पार्षद का चुनाव लड़ा। इस बार फिर से शोभा सिकरवार को जीत हासिल हुई। शोभा सिकरवार का राजनीतिक सफर यहीं नहीं रुका। साल 2014 में शोभा सिकरवार ने वार्ड 45 से चुनाव लड़ा और यहां से शोभा सिकरवार ने जीत दर्ज कराते हुए अपनी जीत की हैट्रिक लगा दी। शोभा सिकरवार लगातार तीन बार पार्षद प्रत्याशी का चुनाव जीत कर खुद की राजनीतिक पकड़ साबित कर चुकी थी इसके अलावा शोभा सिकरवार दो बार एमआईसी मेंबर भी रह चुकी है। लिहाजा शोभा सिकरवार के पास एक अच्छी राजनीतिक समझ के साथ-साथ जनता के बीच अच्छी पकड़ भी है।

शोभा सिकरवार के पति सतीश सिकरवार हैं कांग्रेस से विधायक

शोभा सिकरवार के पति सतीश सिकरवार हैं कांग्रेस से विधायक

शोभा सिकरवार के पति सतीश सिकरवार वर्तमान में कांग्रेस विधायक हैं और उनका भी एक लंबा राजनीतिक कैरियर रहा है। सतीश सिकरवार बीजेपी के नेता रह चुके हैं। उन्होंने जीवाजी यूनिवर्सिटी महासभा की आजीवन सदस्यता ले रखी है। इसके साथ ही सतीश सिकरवार बीजेपी युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष रह चुके है। इसके बाद वे बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष भी रहे हैं। सतीश सिकरवार खुद भी बीजेपी से दो बार पार्षद रह चुके हैं। साल 2018 में बीजेपी ने उन्हें ग्वालियर पूर्व विधानसभा से प्रत्याशी बनाकर चुनाव मैदान में उतारा था लेकिन वे हार गए थे। इसके बाद साल 2020 में उन्होंने उपचुनाव में बीजेपी का दामन छोड़कर कांग्रेस में शामिल होकर कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा का चुनाव लड़ा और अपनी जीत दर्ज कराकर विधायक बन गए।

शोभा सिकरवार के देवर और ससुर भी रह चुके हैं सुमावली से विधायक

शोभा सिकरवार के देवर और ससुर भी रह चुके हैं सुमावली से विधायक

शोभा सिकरवार के देवर और सतीश सिकरवार के छोटे भाई सत्यपाल सिंह सिकरवार मुरैना जिले की सुमावली विधानसभा सीट से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। यहां से वे चुनाव जीतकर विधायक भी रह चुके हैं। सत्यपाल शुक्रवार को नीटू सिकरवार के नाम से भी जाना जाता है।सत्यपाल सिकरवार की जनता और युवाओं के बीच अच्छी पकड़ है। जिसका फायदा भी शोभा सिकरवार को मिला है।
महापौर की सीट पर जीत दर्ज कराने वाली शोभा सिकरवार के ससुर गजराज सिंह सिकरवार भी बीजेपी के कद्दावर नेता है। वह मुरैना जिले की सुमावली विधानसभा सीट से 2 बार बीजेपी के टिकट पर विधानसभा का चुनाव लड़े और दो बार विधायक भी बने। गजराज सिंह सिकरवार अभी भी बीजेपी पार्टी में मौजूद हैं। इस तरह शोभा सिकरवार का पूरा परिवार ही राजनीति में है।

पूरे परिवार की राजनीतिक पकड़ ने दिलाई शोभा सिकरवार को जीत

पूरे परिवार की राजनीतिक पकड़ ने दिलाई शोभा सिकरवार को जीत

एक तरफ ससुर का पुराना अनुभव तो दूसरी तरफ देवर और पति की राजनीतिक समझ और खुद शोभा सिकरवार की जनता के बीच पकड़ ने बीजेपी के लिए मुश्किल खड़ी कर दी। विधायक पति सतीश सिकरवार, पूर्व विधायक देवर सत्यपाल सिंह सिकरवार और पूर्व विधायक रहे ससुर गजराज सिंह सिकरवार की सूझबूझ और जनता के बीच पकड़ के चलते शोभा सिकरवार ने बीजेपी के 57 साल पुराने किले को ढहा दिया।

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