10 साल की उम्र में ज्योतिरादित्य सिंधिया की मुलाकात Ratan Tata से हुई थी, ऐसा था महान आर्यन से रिश्ता?
Ratan Tata Relation With Scindia Family: टाटा समूह के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा की मौत पर केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दुख जताया। उन्होंने अपने परिवार के साथ उनके अनुभवों को साझा किया।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा बहुत बड़ी क्षति देश को हुई है एक ऐसे भारत के सपूत भारत माता ने खोया है जिस सपूत ने अपने दृढ़ता और संकल्प के साथ अपनी क्षमता के साथ केवल टाटा समूह का नाम विश्व भर में अंकित नहीं किया बल्कि भारत के तिरंगे को भी विश्व भर में अंकित किया है। वास्तविक तौर में एक टाइटन थे रतन टाटा उनमे रिस्क लेने की क्षमता थी।

केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा जमशेदजी टाटा से लेकर जेआरडी टाटा और रतन टाटा से उनके परिवार के चार पीढ़ियों के निकट संबंध रहे हैं। माधव महाराज प्रथम ने जमशेदजी टाटा को टाटा स्टील की स्थापना में मदद की थी।
ज्योतिरादित्य सिंधिया नेकहा बचपन में मैं उनसे मिला था और उसके बाद उनसे निरंतर संबंध रहे, मेरे आजोबा का संबंध जेआरडी टाटा के साथ रहा 1942 उन्होंने इंडिया में एयर इंडिया की शुरुआत की, जीवाजी राव महाराज का संबंध उनके साथ रहा जब वह एयर इंडिया ग्वालियर में लेकर आए।
रतन टाटा एक पशु प्रेमी भी थे उनके मुम्बई हेड ऑफिस में केवल उनका डॉग ही नहीं बल्कि कोई भी डॉग आसानी से आ जा सकता था। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने याद करते हुए कहा मेरे फोन में टाटा जी का नंबर है.. मैं फ्लाइट में मैं यह सोचकर हैरान था कि अब मैं उनसे कभी बात नहीं कर पाऊंगा..
रतन टाटा जी ने टेटली का अधिग्रहण किया...टाटा नैनो कार प्रोजेक्ट आम आदमी के लिए सस्ती गाड़ी बन पाए, उन्होंने लैंड क्रूजर जैगुआर का अधिग्रहण किया...सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी टीसीएस की स्थापना की है।

टाटा जी बहुत अच्छे आदमी थे मेरे 10 साल की उम्र से उनका रिश्ता था मैं पिताजी के साथ मुंबई में उनसे मिला था मेरा 40-42 साल का सफर उनके साथ था।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा 2016 में सिंधिया स्कूल के स्थापना दिवस में रतन टाटा जी ग्वालियर आए थे, मैंने उनको ग्वालियर में आमंत्रित किया था। उन्होंने 80 साल की उम्र में जिस तरह से उन्होंने एक-एक बच्चे के साथ हमारे स्कूल को कनेक्ट किया।
मेरे स्कूल के बच्चे उनके साथ फोटो लेने के लिए उत्सुक थे मुझे 2 साल पहले मेरे परिवार के साथ उनके मुंबई स्थित घर में भोजन करने का अवसर भी मिला। सिंधिया परिवार की अगली पीढ़ी के साथ उनकी मुलाकात हुई उनका अलग रिश्ता मेरे बेटे महान आर्यमन के साथ रहा। मैं अपने दिल में आज खालीपन महसूस कर रहा हूं, भगवान उनको अपने दरबार में सबसे उच्च स्थान दें।












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