Gwalior News: जीजा के साथ मिलकर कर दी पति की हत्या, बीमा पॉलिसी के लिए एक्सीडेंट का दिया रूप
Gwalior, News: ग्वालियर पुलिस ने हत्या के एक मामले का सनसनीखेज खुलासा किया है। कत्ल के आरोप में पुलिस ने महिला और उसके जीजा को गिरफ्तार किया।
जानकारी मुताबिक पत्नी के द्वारा बीमा पॉलिसी की रकम हासिल करने के लिए अपने साथियों के साथ मिलकर षड़यंत्र पूर्वक अपने ही पति की हत्या कराई है।

पुलिस ने इस अंधे हत्याकांड का खुलासा किया है। हत्या की घटना में शामिल मृतक की पत्नी व उसके तीन साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बीमा पॉलिसी की बीस लाख रुपये की रकम के लिये पत्नी ने अपने चार साथियों के साथ मिलकर पति की हत्या कराई थी।
मृतक रामधार की हत्या की घटना को एक्सीडेंट का रुप देने के लिये आरोपियों ने मृतक के ऊपर चार पहिया स्विफ्ट गाड़ी भी चढाई ताकि पुलिस को प्रथम दृष्टया रामधार की मौत एक रोड़ एक्सीडेंट की तरह लगे। आरोपी पत्नी ने अपने पति का पैतृक मकान बैच कर मिले रुपये से ही मृतक के नाम बीमा की पॉलिसी कराई थी।
आपको बता दें कि चीनोर क्षेत्र में भौरी की पुलिया से पास सड़क किनारे 4 अप्रेल को एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। जिस पर चीनोर में मर्ग किया गया गया।प्रथम दृष्टया उक्त मृतक की मृत्यु किसी अज्ञात वाहन से एक्सीडेंट होना प्रतीत हो रही थी।
लेकिन जब मृतक की जीवनचर्या के बारे में जानकारी ली गई तो ज्ञात हुआ कि मृतक अधिक शराब पीने का आदी था और इसी बात को लेकर मृतक व उसकी पत्नी के बीच आये दिन विवाद होता रहता था। पुलिस को यह भी ज्ञात हुआ कि मृतक व उसकी पत्नी ने कुछ महीने पूर्व ही अपना पैतृक मकान भी बैच दिया है।
जिससे मिले रुपये से मृतक के नाम बीमा की पॉलिसी भी कराई गई थी। जिसपर मृतक की पत्नी से पुलिस टीम द्वारा गहनता पूर्वक पूछताछ की गई। जिसमें खुलासा हुआ कि मृतक रामधार की पत्नी अपने पति के अधिक शराब पीने एवं अन्य लोगों के घर में आने से रामधार के द्वारा लगातार रोकने-टोकने से काफी तंग आ चुकी थी।
इसलिये मृतक रामधार की पत्नी ने अपने डबरा निवासी जीजा के चचेरे भाई सुरेन्द्र उर्फ छोटू जाटव व सुरेन्द्र का साढू नरेन्द्र जाटव तथा उनके दो दोस्त जितेन्द्र शाक्य और दिनेश जाटव के साथ मिलकर अपने पति रामधार को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी। योजना के अनुसार मृतक की पत्नी सहित अन्य चारों लोगों ने मृतक रामधार की बीमा पॉलिसी कराई थी।
उक्त योजना को मूर्त रुप देने के लिये सभी आरोपीगणों ने यह निश्चय किया कि पहले मृतक की पत्नी को किसी अन्य जगह भेजा जाए ताकि किसी को मृतक की पत्नी पर कोई शक न हो, इसीलिये मृतक की पत्नी को घटना से चार दिन पूर्व अपनी ननद के घर अर्रू का पुरा बागचीनी जिला मुरैना के यहां भेज दिया और मृतक रामधार को बागचीनी से ग्वालियर के लिये अकेले रवाना किया एवं मृतक से लगातार बात करते हुये उसके पहुंचने के स्थान के बारे में अपने सहयोगियों को जरिये मोबाइल सूचित करती गई।
जब रामधार ग्वालियर आया तो योजना के मुताबिक अन्य आरोपीयों ने रामधार को खूब शराब पिलाई एवं शराब के नशे मे धुत्त होने के बाद रामधार को चार पहिया स्विफ्ट गाड़ी से घुमाते रहे और शाम को नरवर वाले रास्तों के जगंलो में ले जाकर गाड़ी में ही रामधार का तोलिया से गला घोटकर हत्या कर दी।
उसके बाद रात्रि में ही रामधार के शव को आरोपियों ने चीनोर तरफ सड़क किनारे भौरी पुलिया से पास गाड़ी से निकाल कर फेंक दिया था। मृतक के शव ऊपर चार पहिया स्विफ्ट गाड़ी भी चढाई ताकि पुलिस को प्रथम दृष्टया रामधार की मौत एक रोड़ एक्सीडेंट की तरह लगे तथा बीमा पॉलिसी के अनुसार रामधार की मौत यदि रोड़ एक्सीडेंट से होती है तो रामधार के नॉमिनी जो कि मृतक की पत्नी स्वयं थी को पॉलिसी के अनुसार बीस लाख रुपये मिलना थे। थाना चीनोर पुलिस द्वारा उक्त हत्या के प्रकरण में चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और स्विफ्ट गाड़ी के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
संवाद सूत्र: पंकज श्रीमाली, ग्वालियर/मध्य प्रदेश












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