Gwalior Railway Station बन जाएगा 'मॉर्डन', रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने देखा प्रेजेंटेशन, किया निरीक्षण
Gwalior Railway Station: मध्य प्रदेश के रेलवे स्टेशनों के नक्शों में ग्वालियर स्टेशन भी खूबसूरती बिखेरेगा। जिसके पुनर्विकास के लिए करोड़ों का प्रोजेक्ट तैयार हो गया हैं। मंजूरी के बाद रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने स्टेशन परिसर की बारीकी से पड़ताल की। अधिकारियों ने उनको प्रोजेक्ट का ले-आउट प्लान भी दिखाया।
वैष्णव ने पुनर्विकसित होने जा रहे ग्वालियर रेलवे स्टेशन का मॉडल, ले-आउट प्लान के अलावा पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी कार्यों की गुणवत्ता का ध्यान रखने में और कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि चूंकि इस पुनर्विकास कार्य के दौरान रेल परिचालन निर्बाध रहेगा और यात्रियों का मूवमेंट भी निरंतर बना रहेगा, लिहाजा उनकी सुरक्षा के दृष्टिगत संरक्षा मानदंडों का पालन सुनिश्चित किया जाए। इसी क्रम में उन्होंने अधिकारियों से इस कार्य को अपने घर के कार्य की तरह करने की बात कही। अश्विनी वैष्णव ने इस पुनर्विकास परियोजना का काम लेने वाली संस्था के अधिकारी और कंसल्टेंट कंपनी के अधिकारियों से बातचीत की।

इस दौरान महाप्रबंधक उत्तर मध्य रेलवे सतीश कुमार ने स्टेशन विकास कार्य के पावर प्वाइंट का प्रस्तुतिकरण किया और साथ ही निर्माण विभाग के अधिकारियों ने परियोजना की प्रगति से भी मंत्री को अवगत कराया। वैष्णव ने इस पुनर्विकास कार्य की प्रगति पर संतुष्टि जताई हैं। उनका कहना है कि काफी बड़ा कॉनकोर्स बन रहा है, जो कि शहरवासियों के लिए एक बड़ी सौगात होगी। जल्द ही वंदे भारत के स्लीपर वर्ज़न के लॉन्चिंग की बात कही, जिससे लंबी दूरी के यात्रियों को वंदे भारत के आरामदायक सफर की सुविधा प्राप्त हो सके।
अपने ग्वालियर दौरे के मौके पर दतिया भी पहुंचे। जहां दोनों स्टेशनों के बीच अच्छी कनेक्टिविटी देने के निर्देश दिए। उन्होंने अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत किये जा रहे स्टेशन के पुनर्विकास मॉडल की सराहना की। दतिया स्टेशन का स्वरूप मां पीतांबरा के मंदिर से प्रेरित है। वैष्णव बोले कि शीघ्र ही स्टेशन अपने भव्य रूप में आएगा और सुविधाओं में वृद्धि के साथ आधुनिकीकरण होगा।












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