Gwalior News: फर्जी मार्कशीट के सहारे नौकरी करने वाले शिक्षकों का पर्दाफाश, 16 साल से घर बैठे ले रहे थे सैलेरी

Gwalior News: ग्वालियर जिले में फर्जी कागजातों से शिक्षक की नौकरी हासिल करने वाले शिक्षकों का पर्दाफाश होने लगा है। डीएड की फर्जी अंकसूची लगाकर नौकरी पाने वाले 8 शिक्षकों के खिलाफ भितरवार पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

इनमें आरोपी शिक्षकों ने 2002, 2003, 2004, 2005, 2006 में डीएड की अंकसूची लगाकर 2006-07-08 में सरकारी नौकरी ज्वाइन की थी। आरटीआई एक्टिविस्ट गौरीशंकर राजपूत की शिकायत पर जांच उपरांत इन सभी के लगाए दस्तावेज फर्जी पाए गए। इसकी खबर फैलने के बाद न केवल ग्वालियर बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के शिक्षा विभाग में हड़कम्प मच गया है।

Gwalior, Madhya Pradesh

उन लोगों पर मामला दर्ज हुआ: कृष्ण पाल पुत्र लक्ष्मण सिंह यादव निवासी गडाजर भितरवार, धर्मेंद्र पुत्र घनश्याम यादव निवासी पुराना बाजार भितरवार, भगवत शरण पुत्र राजेंद्र शर्मा निवासी श्रीराम कॉलोनी के पास भितरवार, सतीश पुत्र शिवचरण लाल रजक निवासी करैरा रोड बिजली घर के पास भितरवार, फूलवती पुत्री शिवचरण लाल रजक निवासी बिजली घर के पास भितरवार, अरविंद सिंह पुत्र भगवान सिंह जाट निवासी मस्तूरा भितरवार, बृजेंद्र सिंह पुत्र सुनमान सिंह रावत निवासी धोवट भितरवार, अनिल पुत्र रामदीन पाठक उटीला ग्वालियर शामिल है। इस सभी के खिलाफ पुलिस ने विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया है।

अजय कटियार, जिला शिक्षा अधिकारी के जानकारी अनुसार शिकायत पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जांच उपरांत शिक्षकों पर मामला दर्ज करा दिया गया है। पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की है। इनके ऊपर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। शीघ्र ही शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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