ग्वालियर कलेक्टर के आदेश से महिला जनप्रतिनिधियों को मिलेगी पूरी आजादी, महिलाएं और भी होंगी सशक्त
ग्वालियर कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने महिला जनप्रतिनिधियों को सशक्त बनाने के लिए जारी किया महत्वपूर्ण आदेश
ग्वालियर, 21 सितम्बर। महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए इस बार के पंचायत चुनाव में महिलाओं को पचास प्रतिशत आरक्षण दिया गया था। अब ग्वालियर कलेक्टर ने महिलाओं को और भी अधिक सशक्त बनाने के लिए एक आदेश जारी करते हुए कहा है कि महिला जनप्रतिनिधियों के स्थान पर किसी भी बैठक में उनका बेटा या पति सम्मिलित नहीं हो सकेंगे। ऐसा होने पर आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।

ग्वालियर कलेक्टर ने जारी किया आदेश
महिलाओं को और भी शक्तिशाली बनाने के उद्देश्य से ग्वालियर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने एक आदेश जारी किया है। इस आदेश में इस बात का उल्लेख किया गया है कि किसी महिला सरपंच या महिला पंच के स्थान पर उनके घर का कोई और अन्य सदस्य ग्राम सभा या ग्राम पंचायत की बैठक में शामिल नहीं हो सकेगा। अगर ऐसा होता है तो महिला जनप्रतिनिधि को उसके पद से हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

अब तक महिला जनप्रतिनिधि के साथ बैठक में शामिल होते थे घर के अन्य सदस्य
अब तक यह देखने में सामने आता रहा है कि अगर कोई महिला जनप्रतिनिधि किसी बैठक में शामिल होने जाती थी तो उसके साथ या तो उसका पति या फिर उसका बेटा बैठक में शामिल हुआ करता था। ऐसे में बैठक के दौरान लिए जाने वाले निर्णय पर महिला जनप्रतिनिधि स्वयं अपने विवेक से निर्णय नहीं कर पाती थी बल्कि उसके साथ मौजूद उसके परिवार का सदस्य बैठक में मौजूद रहकर निर्णय लेता था और यही निर्णय महिला जनप्रतिनिधि पर थोप दिया जाता था।

अब स्वतंत्र रूप से महिला जनप्रतिनिधि ले सकेंगी हर निर्णय
कलेक्टर के आदेश की प्रति सभी जनपद पंचायतों में भेज दी गई है। अब ग्राम पंचायत या ग्राम सभा की किसी भी बैठक में महिला जनप्रतिनिधि के परिवार का कोई भी सदस्य शामिल नहीं हो सकेगा। ऐसे में बैठक में जो भी निर्णय होगा उसमें महिला जनप्रतिनिधि अपने स्वविवेक से निर्णय ले सकेंगे। ऐसा करने से एक तरफ जहां महिला जनप्रतिनिधि का आत्मविश्वास बढ़ेगा वहीं महिलाओं की भूमिका भी सशक्त होगी।

भिंड में इस निर्णय का हुआ विरोध
इसी तरह का आदेश भिंड में भी जारी किया गया है। हालांकि भिंड के अटेर जनपद पंचायत में आयोजित की गई बैठक में आदेश का उल्लंघन करते हुए महिला जनप्रतिनिधियों के परिजन भी शामिल हुए। यह देखकर जनपद पंचायत के प्रभारी सीईओ उदय सिंह सिकरवार ने सभी परिजनों को बाहर कर दिया।

प्रभारी सीईओ की इस कार्रवाई से बैठक का हुआ बहिष्कार
प्रभारी जनपद पंचायत सीईओ उदय सिंह सिकरवार द्वारा की गई इस कार्रवाई से सभी जनप्रतिनिधियों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। महिला जनप्रतिनिधियों ने जब देखा कि उनके परिजनों को बैठक से बाहर किया जा रहा है तो वे भी अपने परिजनों के साथ बैठक के बाहर निकल आईं और यहां उन्होंने अपने परिजनों के साथ मिलकर न केवल प्रदर्शन किया बल्कि बैठक का बहिष्कार भी कर दिया।

ग्वालियर-चंबल अंचल में पुरुषों का रहता है दबदबा
अक्सर यह देखने के लिए मिलता है कि ग्वालियर-चंबल अंचल में कोई महिला जनप्रतिनिधि तो बन जाती है लेकिन उसके सभी कार्य या तो उसका पति या उसका बेटा ही संभालता है, ऐसे में महिला सीट होते हुए भी उस सीट पर पुरुषों का वर्चस्व कायम रहता है। इसी परिपाटी को खत्म करने के लिए यह आदेश जारी किया गया है जिससे महिलाएं खुद को मजबूत करते हुए देश के विकास में अपनी भूमिका अदा कर सकें।












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