मध्य प्रदेश : सम्राट मिहिर भोज की जाति पर गुर्जर-क्षत्रिय आमने-सामने, मुरैना-ग्वालियर रूट की बसों में तोड़फोड़
मुरैना, 24 सितम्बर। मध्य प्रदेश में सम्राट मिहिर भोज की जाति को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। गुर्जर व क्षत्रिय समाज के लोग आमने-सामने हैं और हिंसा उतर आए हैं। दोनों ही समाज सम्राट मिहिर भोज को अपनी अपनी जाति का होने का दावा कर रहे हैं। इसी मामले को लेकर पहले मुरैना में सड़क पर लगाया गया और अब गुरुवार रात को मुरैना व ग्वालियर रूट पर चलने वाली बसों में तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। वारदात को आधा दर्जन युवकों ने अंजाम दिया है। इसकी वजह से कई सवारियों की जान जोखिम में पड़ी है।

ग्वालियर व मुरैना में दो जातियों के बीच सम्राट मिहिर भोज की जाति को लेकर छिड़े विवाद पर प्रशासन ने कड़ी नजर बनाए हुए है। विवाद बढ़ने की आशंका को देखते हुए मुरैना जिला प्रशासन ने आगामी तीन दिन तक स्कूल व कॉलेज बंद रखने का फैसला लिया है।
बता दें कि पूरे विवाद की शुरू ऐसे हुई कि ग्वालियर में कई दिन पहले सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा लगाई गई। फिर मुरैना में उनकी मूर्ति लगी। उस मूर्ति के शिलालेख पर सम्राट मिहिर भोज की जीवनी बताते हुए उन्हें गुर्जर जाति का बताया गया। इसी बात पर ग्वालियर व मुरैना के गुर्जर व क्षत्रिय वर्ग के लोगों ने विवाद शुरू हो गया।
विवाद दिनोंदिन थमने की बजाय इस कदर बढ़ा कि शिलालेख पर लिखे नाम को हटवाने की मांग को लेकर गुरुवार को दिन में मुरैना में एमएस रोड पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया गया जबकि रात को बानमोर में ग्वालियर-मुरैना के बीच चलने वाली बसों में तोड़फोड़ की गई। कहा जा रहा है कि एमएस रोड जाम के जवाब में बसों पर हमला किया गया। शीशे तोड़ दिए गए। हालांकि कोई सवारी हताहत नहीं हुई।
उधर, विवाद बढ़ने पर ग्वालियर जिला कलेक्टर विक्रम सिंह व एसपी अमित सांघरी ने दोनों पक्ष के लोगों से बात की और कहा कि सम्राट मिहिर भोज भले ही किसी भी वंश या समुदाय के हों, लेकिन उनको लेकर शहर में माहौल न बिगाड़ा जाए। तावनी के बाद भी कोई नहीं मानता है और इस तरह का काम करता है जिससे साम्प्रदायिक सौहार्द का माहौल बिगड़ता है तो वह NSA (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) व जिलाबदर की कार्रवाई की जाएगी।












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