Bride On Boat: नाव से हुई बारात की विदाई, रोने की जगह नाचने लगी दुल्हन
राजस्थान के पादला गांव निवासी घनश्याम मीणा की बेटी किस्मत की शादी श्योपुर जिला मुख्यालय से सटे हुए सोंईकला कस्बे में सरपंच हरि सिंह मीणा के के बेटे आकाश के साथ हुई है।

आपने शादियों में दूल्हा-दुल्हन की एंट्री और विदाई के कई अनोखे तरीके देखे और सुने होंगे। ऐसा ही एमपी के श्योपुर में अनोखी विदाई हुई है। यहां एक दूल्हा लग्जरी कार में बरात लेकर आया। लेकिन विदाई का समय आया तो पिता ने बेटी की इच्छा से बारात को नाव से विदा किया। अपनी ख्वाहिश पूरी होती देख दुल्हन नाव में सफर के दौरान रोने की जगह नाचने लगी।
दरअसल, दुल्हन का सपना था कि उसकी विदाई नाव से कराई जाए। पिता ने अपनी बेटी की इस ख्वाहिश को बारातियों को बताया और लोगों से निवेदन किया। पहले तो बारातियों को यह अजीब लग रहा था। लेकिन बाद में सभी राजी हो गए।
यह अनोखी विदाई जिला मुख्यालय से सटे सोनाईकला के प्रधान हरि सिंह मीणा के बेटे आकाश का विवाह राजस्थान के पड़ला गांव में रहने वाले घनश्याम मीणा की बेटी किस्मत मीणा के साथ तय हुई थी। नाच गाने के साथ बाराती दुल्हन के घर पहुंचे।
शुक्रवार को विदाई के वक्त दूल्हे के पिता को उसके जीजा ने दुल्हन की ख्वाहिश के बारे में बताया तो वह भी इसके लिए राजी हो गया। फिर क्या था, 55 से अधिक बाराती इलेक्ट्रिक नाव में बैठकर 12 किलोमीटर दूर चंबल नदी के घाट पर जा पहुंचे। नाव में बैठने से पहले दूल्हा दुल्हन ने प्राचीन चतुर्भुज नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। फिर तीन नावों की व्यवस्था की गई। उसमें बैठकर सभी बाराती 9 किलोमीटर दूर पाली घाट पर पहुंचे। यहां से फिर वाहनों में बैठकर 20 किलोमीटर दूर सोनाईकला गए।
दुल्हन के पिता घनश्याम मीणा किसान हैं और उनके पास करीब 70 एकड़ भूमि है। क्षेत्र में उनकी संपन्न किसानों में गिनती होती है। उनकी बेटी किस्मत मीना (19) खेती के कार्य में अपने पिता के साथ हाथ बताती थी। वहीं सोईकला के सरपंच हरि सिंह मीणा का पुत्र आकाश मीणा (22 वर्ष) दसवीं तक पढ़े हुए हैं। वर्तमान में किसान 70 एक लड़की पुश्तैनी जमीन में खेती कर रहा है।












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