Gwalior: बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर किसानों ने ऊर्जा मंत्री के बंगले पर किया प्रदर्शन, सरकार पर लगाए ये आरोप
Gwalior News: ग्वालियर के किसानों ने आज प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रधुम्न सिंह तोमर के बंगले पर जोरदार प्रदर्शन कर बंगले का घेराव किया। ऊर्जा मंत्री एवं मध्य प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ट्रैक्टर में सवार होकर पहुंचे किसानों ने मध्य प्रदेश की सरकार और ऊर्जा विभाग पर किसानों से वादा खिलाफी करने का आरोप भी लगाया। किसानों का आरोप है कि उनके पास दो से 5 लाख तक के बिजली बिल पहुंच रहे हैं। जबकि फ्लैट रेट पर विद्युत बिल किसानों को दिए जाने चाहिए।

दरअसल ग्वालियर की ग्रामीण और दक्षिण विधानसभा के गिरवाई, वीरपुर अजयपुर, बेलदार का पूरा हरिकोटा सील क्षेत्र के किसानों को इन दोनों बिजली समस्या से जूझना पड़ रहा है। इसके साथ ही किसानों को मीटर रीडिंग और आंकलित खपत के हिसाब से मनमानी तरीके से विद्युत बिल दिए जा रहे हैं। जिस कारण किसानों के बिल लाखों में पहुंच चुके हैं।
आंकलित कपट के नाम पर भेजे जा रहे हैं मनमाने बिल
ऊर्जा मंत्री के बंगले पर प्रदर्शन करने पहुंचे किसानों का आरोप है कि अप्रैल 2013 से अप्रैल 2016 तक किसानों से 3000-3000 की दो किस्तों में विद्युत मंडल द्वारा बिल दिया गया था। लेकिन वर्ष 2016 से किसानों को मीटर रीडिंग और आंकलित खप्त के हिसाब से विद्युत बिल वसूले जा रहे हैं।
ऐसे में किसान बिल जमा करने में असमर्थ हैं। जबकि फ्लैट रेट योजना मध्य प्रदेश में आज भी लागू है फिर भी ग्वालियर के आधा दर्जन गांवों के किसानों के साथ विद्युत मंडल द्वारा सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। जबकि भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा है कि किसानों की आय दोगुना हो आय तो दोगुनी हुई नहीं लेकिन विद्युत बिलों में कई गुना इजाफा हो चुका है।
किसने की मांग है कि बढ़े हुए विद्युत बालों को माफ कर फ्लैट रेट लागू करवाई जाए इसके लिए किसान महासभा के नेतृत्व में पहुंचे इन किसानों द्वारा ऊर्जा मंत्री प्रधुम्न सिंह तोमर के बंगले पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए बंगले के बाहर धरने पर बैठकर ऊर्जा मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
7 दिन में समस्या का निराकरण नहीं होने पर जोरदार आंदोलन की चेतावनी दी
किसानों ने चेतावनी दी कि अगर 7 दिन के अंदर उनकी मांगों का निराकरण नहीं किया जाएगा तो आंदोलन में और तेजी लाई जाएगी। किसान महासभा के पदाधिकारी अखिलेश यादव के नेतृत्व में किसान ऊर्जा मंत्री के बंगले पर पहुंचे थे अखिलेश यादव ने कहा कि अभी हम शांतिपूर्ण तरीके से लोकतांत्रिक ढंग से अपनी बात कर रहे हैं। लेकिन 7 दिन में अगर उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ तो फिर किसान आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
संवाद सूत्र: पंकज श्रीमाली, ग्वालियर/मध्य प्रदेश












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