Gwalior News: ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी विधानसभा चुनाव लड़वा सकती है भाजपा, शाह की बैठक में होगा मंथन
Jyotiraditya Scindia shivpuri News: मध्य प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा द्वारा 8 दिग्गजों को चुनावी मैदान में उतरने के बाद अब पार्टी एक और बड़े चेहरे को चुनावी मैदान में उतर सकती है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस से भाजपा में आए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को बीजेपी शिवपुरी से मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया की जगह चुनाव लड़ाने पर विचार कर सकती है।
दरअसल, मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने अचानक चुनाव न लड़ने की घोषणा करके सभी को चौंकाया है। ऐसा तो नहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए शिवपुरी सीट खाली कराई गई हो! इसके लिए भाजपा की अगली 39 की लिस्ट का इंतजार करना होगा।

इसके पीछे पार्टी की सोच ये भी हो सकती है कि यशोधरा राजे को पार्टी 2024 का लोकसभा का चुनाव लड़ा सकती है। यदि समीकरण नहीं जमे तो ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी लोकसभा चुनाव लड़ाया जा सकता है। वे वर्तमान में राज्यसभा सदस्य है। इसके अलावा चर्चा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक मंत्री सुरेश धाकड़, OPS भदौरिया के अलावा रामखेलावन पटेल, बृजेंद्र प्रताप सिंह, प्रेम सिंह पटेल, बृजेंद्र सिंह यादव जैसे मंत्रियों के क्षेत्र में नए चेहरों को उतारा जा सकता है।
भाजपा नेताओं की माने तो भाजपा अक्टूबर के पहले सप्ताह में अधिकतर सीटों पर प्रत्याशियों का फैसला कर लेगी। इसी पर चर्चा के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 1 अक्टूबर को भोपाल आ रहे हैं। बीजेपी ने केंद्रीय स्तर पर सभी सीटों का सर्वे करवाया है सर्वे में जिन दावेदारों को जिताऊ बताया गया, उन्हें में से किसी को भी प्रत्याशी बनाया जा सकता है।
ग्वालियर चंबल में मिलेगा फायदा
अगर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को शिवपुरी से विधानसभा चुनाव लड़ाया जाता है तो भाजपा को ग्वालियर चंबल क्षेत्र में बड़ा फायदा मिल सकता है। इससे पहले केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को मुरैना की दिमनी विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया गया है, जो कभी बीजेपी का गढ़ हुआ करती थी। इस सीट के बनने के बाद कांग्रेस को अपना खाता खोलने में 31 साल का समय लग गया था। यह सीट 1962 में बनी और कांग्रेस को पहली जीत 1993 में मिली थी 2003 में भाजपा की संध्या राय यहां से जीती। 2008 के चुनाव में भाजपा के ही शिवमंगल सिंह सुमन यहां से जीते। इसके बाद यह सेट एकदम से भाजपा पर भारी पड़ गई, तब से अब तक एक उपचुनाव मिलाकर कुल तीन चुनाव हुए तीनों में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है।
गौरतलब है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया और नरेंद्र सिंह तोमर दोनों ही ग्वालियर चंबल क्षेत्र के बड़े चेहरे माने जाते हैं। ऐसे में दोनों ही नेता चुनावी मैदान में होंगे तो पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर होगा। और ग्वालियर चंबल क्षेत्र की ज्यादा से ज्यादा सीटें भाजपा के खाते में जा सकती हैं। इसलिए राजधानी में होने वाली शाह की बैठक में इसे लेकर मंथन किया जा सकता है।












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