Gwalior News: चुनावी रणनीति को लेकर गृहमंत्री अमित शाह कल फिर ग्वालियर जाकर BJP नेताओं से करेंगे 1 टू 1
संवाद सूत्र- पंकज श्रीमाली
ग्वालियर चम्बल को लेकर भारतीय जनता पार्टी कितनी परेशान और गम्भीर है इसका अंदाजा इसी बात से सहज में लगाया जा सकता है कि पार्टी के सबसे ताकतवर नेता और देश के प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ग्वालियर में सिर्फ 19 दिन में दो बार आ चुके है जबकि गृहमन्त्री अमित शाह बीते तीन माह से हर माह ही ग्वालियर आ रहे है।
अमित शाह कल यानी 30 अक्टूबर को फिर ग्वालियर आ रहे है। इस बार भी वे वोटर्स के बीच नहीं जाएंगे सिर्फ पार्टी के नेताओं से मिलकर उनकी नाराजी दूर करेंगे, संगठन के लोगो को चुनाव कार्य मे जुटने के लिए प्रोत्साहित करेंगे और पार्टी के असंतुष्ट नेताओं से भी मुलाकात करेंगे।

कल चार घण्टे ग्वालियर में रहेंगे अमित शाह
गृहमन्त्री कल 30 अक्टूबर को ग्वालियर आएंगे। यह कार्यक्रम आनन - फानन में तैयार हुआ है क्योंकि पार्टी के पास फीडबैक है कि उम्मीदवार घोषित हो जाने के बावजूद कार्यकर्ता प्रचार अभियान के लिए घर से नही निकल पा रहा है । अंचल के पार्टी के बड़े नेता केंद्रीय कृषिमंत्री नरेंद्र तोमर को पार्टी ने दिमनी क्षेत्र से विधानसभा चुनाव लड़ा दिया है और वे वही उलझे हैं। वे अन्य जगह ज्यादा समय नही दे पा रहे है। फिलहाल पूरी कमान केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ही संभाल रखी है।
चार घण्टे रुकेंगे शाह
सूत्रों के अनुसार अमित शाह दोपहर डेढ़ बजे विशेष विमान से ग्वालियर पहुंचेंगे। वहां से वे सड़क मार्ग से सिटी सेंटर स्थित होटल रेडिसन ब्ल्यू पहुंचेंगे जहां ग्वालियर - चम्बल संभाग के संगठन से जुड़े पदाधिकारियों , नेताओं नेताओं की बैठक लेंगे। इस दौरान वे कुछ लोगो के साथ वन टू वन भी करेंगे। वे जीत के लिए मंत्र देंगे और कुछ नाराज और ऐसे नेताओं से भी बात कर सकते हैं जिन्हें टिकट नही दिया गया है। इस बैठक में केंद्रीय कृषिमंत्री नरेंद्र तोमर, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा प्रदेश के गृहमन्त्री डॉ नरोत्तम मिश्रा सहित अंचल के सभी घोषित प्रत्याशी भी मौजूद रहेंगे। शाह हर सीट का फीडबैक लेकर ग्वालियर पहुंच रहे हैं।
सर्वे में खराब हालत से परेशान है भाजपा
ग्वालियर चम्बल अंचल में 2018 में भाजपा का प्रदर्शन काफी खराब रहा था। यहां की 34 विधानसभा सीटों में से भाजपा सिर्फ 7 सीटें जीत सकी थी। कांग्रेस ने 26 सीटों पर जीत हासिल करके न केवल सबको चौंका दिया था बल्कि प्रदेश की 15 साल पुरानी भाजपा की मजबूत सरकार को भी हटा दिया था। कमलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बन गयी थी । हालांकि ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा अपने समर्थकों के साथ किये गए विद्रोह के कारण कमलनाथ सरकार महज 15 महीनों में ही गिर गई थी। लेकिन इस बार भी अंचल में भाजपा की हालत अच्छी नही है। अभी तक जितने भी आंतरिक और टीवी सर्वे आये है उनमें इस अंचल में भाजपा यहां बुरी तरह पिछड़ी है और कांग्रेस को निर्णायक बढ़त बनाये हुए है। इससे भाजपा परेशान है ।
मोदी 2 बार आ चुके है
अब तक विभिन्न स्त्रोत से मिल रहे फीडबैक पर भाजपा लगातार निगाह रखे हुए और लगातार कोशिश कर रही है कि हालातों को हर हाल में अनुकूल बनाएं । इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महज 19 दिन में दो बार ग्वालियर में दौरा कर चुके है । वे पहले 2 अक्टूबर को ग्वालियर आये थे और मेला मैदान में करोड़ो की लागत की योजनाओं का शिलान्यास और भूमिपूजन किया था और हितग्राहियों के बहाने बड़ी सभा को संबोधित किया था। इसके बाद 19 अक्टूबर को वे सिंधिया स्कूल के 125 वे स्थापना दिवस समारोह में भाग लेने ग्वालियर पहुँचे थे।
शाह बनाएंगे रणनीति
भाजपा सूत्रों का कहना है कि शाह ग्वालियर चम्बल के आठ जिलों के पार्टी प्रमुखों की बैठक लेंगे । वे चुनाव को लेकर अब तक की गईं तैयारियों की जानकारी लेकर आगामी रणनीति पर चर्चा करेंगे और उसे अंतिम रूप भी देंगे। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में सभी जिलों के जिला अध्यक्ष , महामंत्री, चुनावो के लिए बनाए गए जिला संयोजक,विधानसभा संयोजक ,प्रवासी प्रभारियों को बुलाया जा रहा है । अंचल के नाराज नेताओ को मनाने की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी ताकि बगावत कम हो सके।












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