Cops Fitness Assam Police का प्रमुख एजेंडा! अनफिट खाकी धारकों को VRS देने का फैसला, AIUDF क्या बोली?
पुलिस सर्विस में फिजिकल और मेंटल फिटनेस सबसे जरूरी है। असम पुलिस ने इसकी अहमियत समझते हुए कॉप्स की फिटनेस सर्वे कराने का फैसला लिया है। अनफिट पुलिसकर्मियों को सेवामुक्त किया जाएगा।

Cops Fitness Assam Police का प्रमुख एजेंडा बन गया है। दरअसल, अपराध से निपटने के लिए पुलिस यानी खाकी वर्दी धारकों की फिजिकल औऱ मेंटल फिटनेस बेहद जरूरी है। इसकी अहमियत रेखांकित करते हुए कॉप्स फिटनेस सर्वे के बारे में पुलिस महानिदेशक ने जानकारी दी।
असम पुलिस द्वारा पुलिसकर्मियों का फिटनेस सर्वेक्षण करने और 'अनफिट' पाए जाने वालों को सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के बारे में असम के डीजीपी जीपी सिंह ने मंगलवार को कहा, बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) की पेशेवर रिकॉर्डिंग होगी।
उन्होंने बताया कि असम पुलिस मुख्यालय ने आईपीएस/एपीएस अधिकारियों सहित सभी असम पुलिस कर्मियों के बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) की पेशेवर रिकॉर्डिंग करने का फैसला किया है। फैसला मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के निर्देश के अनुरूप लिया है।
असम के डीजीपी ने कहा कि असम पुलिस 15 अगस्त तक आईपीएस और एपीएस अधिकारियों सहित सभी असम पुलिस कर्मियों को तीन महीने का समय देने की योजना बना रहे हैं। फिर अगले 15 दिनों में बीएमआई मूल्यांकन शुरू करेंगे।
उन्होंने कहा, वे सभी जो मोटे (बीएमआई 30+) श्रेणी में हैं, उन्हें वजन कम करने के लिए महीनों का समय और तीन मौके मिलेंगे। (नवंबर के अंत तक) उसके बाद वीआरएस विकल्प का इस्तेमाल होगा।
उन्होंने कहा कि बीएमआई में उन लोगों को छूट मिलेगी, जिनके पास थायरॉयडिज्म जैसी वास्तविक परेशानी है। डीजीपी जीपी सिंह ने कहा कि वे खुद 16 अगस्त को बीएमआई रिकॉर्ड कराने वाले पहले शख्स होंगे।
इस फैसले की खास बात ये भी है कि आम तौर पर भाजपा सरकार का विरोध करने वाली पार्टी- असम यूनाइटेड डेमोकेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) ने भी इस फैसले का स्वागत किया है। पार्टी महासचिव अमीनुल इस्लाम कहा, कि उनकी पार्टी ने असम पुलिस की पहल का स्वागत किया है।
उन्होंने कहा, "यह एक बहुत अच्छा निर्णय है और हम इसका स्वागत करते हैं। यह असम पुलिस की फिटनेस का मामला है। मुझे लगता है कि यह एक अच्छा कदम है। अगर पुलिस फिट नहीं होगी तो परिणाम नहीं आएंगे। मैं असम के डीजीपी को इसके लिए बधाई देता हूं।"
AIUDF विधायक अमीनुल इस्लाम में कहा, अगर कोई फिटनेस के लिए दिए गए टाइम में भी अपना वजन कम नहीं करेंगे तो उन्हें वीआरएस लेना पड़ेगा। इस क्लॉज पर दोबारा सोचना चाहिए।
उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि वीआरएस नहीं दिया जाना चाहिए, पुलिसकर्मियों को और समय दिया जाना चाहिए। दो या तीन महीने में फिटनेस नहीं आती है। इसमें कुछ और समय लगेगा। लेकिन इस पहल से नतीजे भविष्य में आएंगे।"












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