असम में ऐतिहासिक कार्बी आंलगोंग समझौता, गृह मंत्री की मौजूदगी में हुए हस्ताक्षर
नई दिल्ली, 04 सितंबर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में असम के ऐतिहासिक कार्बी आंलगोंग समझौते पर हस्ताक्षर हुए है। यह समझौता कार्बी आंगलोंग विद्रोही समूहों के साथ शांति स्थापना को लेकर किया गया एक करार है, जो असम के लिए बहुत मायने रखता है। इस दौरान गृह मंत्री ने कहा कि कार्बी आंगलोंग ऐतिहासिक समझौता आज संपन्न हुआ, ये दिन निश्चित रूप से असम और कार्बी क्षेत्र के इतिहास में स्वर्णमयी अक्षरों के साथ लिखा जाएगा।
Recommended Video

दिल्ली में हुई समझौते को लेकर बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और कई विद्रोही समूहों के प्रतिनिधि शामिल हुए। गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि शनिवार को 5 से अधिक संगठनों के लगभग 1000 कैडर ने हथियार डालकर मुख्यधारा में आने की शुरुआत की हैं। कार्बी आंगलोंग के संबंध में असम सरकार 5 साल में एक क्षेत्र के विकास के लिए 1000 करोड़ रुपए खर्च करेगी। नरेंद्र मोदी सरकार की नीति है कि जो समझौता हम करते हैं, उसकी सभी शर्तों का पालन हम अपने ही समय में पूरा करते हैं।
वहीं असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि असम में दो आदिवासी समूह बोडो और कार्बी असम से अलग होना चाहते थे। 2009 में बोडो समझौता हुआ और इसने असम की क्षेत्रीय अखंडता को बसाते हुए विकास का नया रास्ता खोला। आज कार्बी समझौता हुआ। इससे कार्बी आंगलोंग इलाके में शांति आएगी।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने बताया कि हम उनके पुनर्वास के लिए काम करेंगे। हिल्स ऑटोनोमस काउंसिल में उनको आरक्षण मिलेगा। काउंसिल को 1000 करोड़ रुपए मिलेंगे, जिसमें 500 करोड़ केंद्र और 500 करोड़ राज्य सरकार देगी। आपको बता दें कि कार्बी असम का एक प्रमुख जातीय समूह है, जो 1980 से ही हत्याओं, जातीय हिंसा, अपहरण जैसे गैरकानूनी काम से जुड़ा हुआ था।












Click it and Unblock the Notifications