10 वर्षों में मारे गये 156 गेंडे

हुसैन के अनुसार पिछले सात वर्षों से प्रदेश में अब तक 467 लोग हाथियों के गुस्से का शिकार हुए है, जबकि 2009-2010 के दौरान 94 लोग मारे गये।
2011- 2012 के दौरान 92 लोग गजराज के गुस्से का शिकार हुए, जिसमें से 43 लोगों की मौत हो गयी। हालांकि मारे गये लोगों को मुआवजा दे दिया गया है।
कुल मिलाकर इस दौरान गेंडों की संख्या में वृद्धि हो गयी है पर इनके शिकार को रोंका नहीं जा सका है।












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