गुजरात में नहीं थम रही बारिश, जलस्तर बढ़ने पर कई बांधों के गेट खोलने पड़े, IMD ने जारी किया अलर्ट
सूरत। महाराष्ट्र-गुजरात राज्यों में हो रही लगातार बारिश के चलते आमजन के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं।सूरत, राजकोट, तापी और जामनगर जिले मूसलाधार बारिश के कारण जलभराव का सामना कर रहे हैं।मौसम विभाग की ओर से सौराष्ट्र क्षेत्र में अभी और बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं, राजकोट शहर में बिजली की चमक और मेघ गर्जना के साथ आज भी बारिश शुरू हो गई। निचले इलाकों में रास्तों पर पानी भर गया है और ठंडक बढ़ गई है।

लगातार बारिश होने के चलते गुजरात के बांधों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। यहां दर्जनों बांध ऐसे हैं जो 100% भर चुके हैं। बढ़ते तनाव के कारण जामनगर जिले में 6 डैम के दरवाजे खोले गए हैं। वहीं, सूरत के उकाई बांध के 9 दरवाजे खोलकर 1.75 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों के हवाले से न्यूज एजेंसी ने बताया कि, बांध का जलस्तर 341.91 फुट हो गया, जिसके चलते तापी के किनारों के गांवों को अलर्ट किया गया। तापी में पानी की आय से अभी कॉजवे 8.11 मीटर जलस्तर पर बह रहा है। वहीं, सौराष्ट्र में भादर-1 बांध के गेट भी खोल दिए गए हैं।

सूरत प्रशासन के मुताबिक, भारी बारिश के कारण उकाई बांध में पानी की लगातार आवक हो रही है। उकाई बांध के कैचमेंट एरिया में जलस्तर बढ़ रहा है। प्रशासन द्वारा बांध के 9 दरवाजे खोल 1.75 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे कोजवे का जलस्तर फिर एक बार बढ़कर 8.11 मीटर हो गया है। उधर, बांध से पानी छोड़े जाने के कारण सूरत और तापी जिला कलेक्टर ने किनारों को गांवों के सतर्क रहने के लिए कहा है। एक अधिकारी ने बताया कि, उकाई बांध का रूल लेवल 340 फीट है और यह 345 फुट के जलस्तर पर भर जाता है। सोमवार सुबह आठ बजे बांध का जलस्तर 342.29 फुट था और बांध में 62,205 क्यूसेक पानी की आय हो रही थी।
इस दौरान उकाई के कैचमेंट एरिया और महाराष्ट्र में भारी बारिश का दौर जारी रहने से यह और भर गया। ऐसे में सूरत और तापी जिला कलेक्टर लगातार नजर बनाए रखे हैं। बांध के 9 दरवाजे खोले जाने से पानी कुछ कम होने की उम्मीद है।












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