नर्मदा के उफान से इंच-इंच बढ़ रहा सरदार सरोवर डैम का जलस्तर, 40,000 टूरिस्ट्स देखने पहुंचे स्टैच्यू
केवडिया। गुजरात में नर्मदा नदी के तट पर स्थित दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा "स्टैच्यू ऑफ यूनिटी" को देखने आने वालों का उत्साह भरी बरसात में भी कम नहीं हो रहा। वीकेंड पर 2 दिनों के दौरान यहां 40 हजार पर्यटक "स्टैच्यू ऑफ यूनिटी" पहुंचे। सरदार वल्लभभाई पटेल की यह प्रतिमा केवडिया में नर्मदा नदी से बिल्कुल सटी है, इसके तीन ओर जलधारा बहती नजर आती है। वहीं, देश का सबसे विशाल बांध सरदार सरोवर डैम भी अब पूरा भरा हुआ नजर आ रहा है। तेज बारिश के चलते उसके और गेट खोले जा सकते हैं। प्रबंधन अधिकारियों का कहना है कि, राज्य में इस बार पिछले साल के मुकाबले ज्यादा बारिश होने के आसार हैं। चूंकि, बारिश मई से ही हो रही है।
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भारी बारिश से सबसे बड़े बांध में पानी की आवक
सरदार सरोवर बांध नर्मदा नदी के उफान के साथ ही भरता जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश के कारण जलस्तर में इजाफा हो रहा है। ऊपरी इलाके में लगातार हो रही बरसात से ही बांध में पानी आ रहा है। कल यानी कि, सोमवार को इस बांध के ऊपरी इलाके से 46504 क्यूसेक पानी की आवक हुई। सोमवार को नर्मदा बांध का जलस्तर 115.86 मीटर दर्ज किया गया। 8 घंटे में बांध के जलस्तर में 86 सेमी की वृद्धि देखी गई। अधिकारियों का कहना है कि, बांध में बीते रोज 4363 मीलियन क्यूबिक मीटर लाइव स्टोरेज पानी की आवक रही।

बरसों की मेहनत, अरबों की लागत से हुआ था तैयार
सरदार सरोवर डैम न सिर्फ गुजरात, बल्कि देश के भी सबसे बड़े बांंधों में से एक है। इस सबसे बड़े डैम को बनाने की पहल तब शुरू हुई थी जब देश आजाद भी नहीं हुआ था। खुद सरदार पटेल ने 1945 में यहां बांध बनाए जाने का सपना देखा था। 5 अप्रैल 1961 को प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने इसकी नींव रखी, लेकिन तमाम वजहों से यह प्रोजेक्ट (परियोजना) लटका रह गया। इसे पूरा होने में पूरे 56 साल लग गए। यह काम पूरा हुआ वर्ष 2017 में। भारत के इतिहास में यह एक विवादास्पद परियोजना भी कही जा सकती है क्योंकि इसे बनाना शुरू किया था कांग्रेस नेता व देश के पहले पीएम पंडित जवाहर लाल नेहरू ने, लेकिन परवान चढ़ा पीएम नरेंद्र मोदी के शासन में। भाजपा-कांग्रेस के बीच इसे लेकर खूब बयानबाजी हुई।

138 मीटर ऊंचा और सैकड़ों मीटर चौड़ा है बांध
भारत में वर्ष 2017 से पहले तक पंजाब में स्थित भाखरा-नांगल बांध ही सर्वाधिक चर्चित था। किंतु अब चर्चे सरदार सरोवर बांध के होते हैं। नर्मदा नदी पर बना यह बांध 138 मीटर ऊंचा (नींव सहित 163 मीटर) है। इसमें कई ऐसी खासियतें हैं, जो इसे दुनिया में सबसे खास बनाती हैं। नर्मदा नदी पर बनने वाले 30 बांधों में सरदार सरोवर और महेश्वर दो सबसे बड़ी बांध परियोजनाएं हैं। हालांकि, इनका लगातार विरोध भी होता रहा है। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य गुजरात के सूखाग्रस्त इलाक़ों में पानी पहुंचाना और मध्य प्रदेश के लिए बिजली पैदा करना है।

सुप्रीम कोर्ट में अटका रहा था मामला
इस बांध के पुननिर्माण कार्य हेतु राज्य सरकार द्वारा अक्टूबर 2000 में सुप्रीम कोर्ट की अनुमति ली गई। उसके बाद 1945 से अटका यह काम शुरू हुआ। हालांकि, कोर्ट द्वारा इसकी ऊंचाई को घटाकर 110.64 मीटर करने का आदेश दिया गया। बाद में फिर 2006 में डैम की ऊंचाई को बढ़ाकर 121.92 मीटर और 2017 में 138.90 मीटर करने की इजाजत मिल गई। इस तरह, सरदार सरोवर डैम को पूरा होने में करीब 56 साल लगे। 17 सितंबर 2017 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे देश को समर्पित किया।












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