अन्य राज्यों में फंसे गुजरातियों के लिए वहीं खाने-पीने-रहने की व्यवस्था शुरू, रूपाणी सरकार को 1070 पर करें कॉल
गांधीनगर. कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देश में किए गए लॉकडाउन के कारण अन्य राज्यों में फंसे गुजरात के लोगों के लिए रूपाणी सरकार ने व्यवस्थाएं शुरू की हैं। सरकार गुजरातियों के लिए संबंधित राज्यों में ही रहने-खाने की व्यवस्था कर रही है। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की अध्यक्षता में आयोजित कोर कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया। जिसके बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री के सचिव अश्विनी कुमार ने कहा कि गुजरात के जो यात्री अन्य राज्यों में फंस गए हैं, उन्हें वहां रहने-खाने की कोई असुविधा नहीं होने की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने का अहम निर्णय किया है।

अश्विनी कुमार ने बताया कि, अन्य राज्यों में फंसे ऐसे परिवार गांधीनगर स्थित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर 1070 पर संपर्क कर सकते हैं। उन राज्यों में फंसे हुए यात्रियों के भोजन और आवास की व्यवस्था के लिए उस राज्य के संबंधित स्थान, जिला प्रशासन और गुजराती समाज के सहयोग के लिए हमारी सरकार समन्वय करेगी। इसके अलावा गुजरात के अंदर भी कई जिलों में गरीबों और भिखारियों को कई संस्थाएं खाने और अन्य जरूरत की चीजें वितरित कर रही हैं।
इधर, जेट ने 4900 लोगों को भोजन बांटा
अहमदाबाद में भी कोरोना वायरस को लेकर लॉक डाउन की स्थिति में जरूरतमंदों के लिए भोजन पहुंचाने के लिए हाथ बढ़े हैं। कुछ संस्थाओं की मदद से महानगरपालिका संचालित जेट (जॉइन्ट इन्फॉर्समेंट टीम) ने विभिन्न इलाकों में 4900 लोगों को भोजन पहुंचाया है। महानगर पालिका प्रशासन के अनुसार, पैकेट वितरित करते सभी सावधानियों को ध्यान में रखा जा रहा है। भोजन का लाभ लेने वालों में गरीब वर्ग के अलावा फुटपाथों पर रहने वाले भिखारी भी शामिल हैं। पुलिसकर्मी खुद कई शहरों में पैदल घर लौटते प्रवासी यात्रियों को खाना परोसते देखे गए हैं।












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