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बेहतरीन इंजीनियरिंग के लिए मशहूर था मोरबी केबल ब्रिज, मच्छू नदी पर 1979 में दिखा था इससे बड़ा मौत का मंजर

बेहतरीन इंजीनियरिंग के लिए मशहूर था मोरबी केबल ब्रिज, मच्छू नदी पर 1979 में दिखा था इससे बड़ा मौत का मंजर
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Morbi Cable Bridge History: गुजरात का मशहूर ऐतिहासिक मोरबी केबिल ब्रिज रविवार की शाम को ढह गया जिसमें लगभग 134 लोगों की मौत हो गई। मच्छू नदी पर बने लगभग 143 साल पुराने इस केबल ब्रिज की मरम्‍मत और नवीनीकरण के बाद अभी 6 दिन पहले ही लोगों के लिए खोला गया था। ब्रिज खुलते ही एक साथ क्षमता से अधिक लोगों के चढ़ने के कारण ये एक सदी से पुराना ब्रिज गिर गया और लोगों के जीवन के लिए काल बन गया। आइए जानते हैं ये ब्रिज क्‍यों मशहूर था और इसके जुड़ा इतिहास क्‍या है?

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    किस राजा ने बनाया था ये ऐतिहासिक केबिल ब्रिज

    किस राजा ने बनाया था ये ऐतिहासिक केबिल ब्रिज

    राज्य की राजधानी गांधीनगर से लगभग 300 किलोमीटर दूर स्थित मोरबी में मच्छू नदी पर एक सदी से भी अधिक पुराने इस ब्रिज का निर्माण बिट्रिश काल में मोरबी के राजा प्रजावत्स्ल्य वाघजी ठाकोर ने अपनी रियासत में करवाया था। रिपोर्ट के अनुसार इस ब्रिज का इस्‍तेमाल राजा अपने राजमहल से अपने दरबार में जाने के लिए करते थे।

    झूलते हुए ब्रिज का उद्घाटन 1879 में हुआ था

    झूलते हुए ब्रिज का उद्घाटन 1879 में हुआ था

    इस झूलते हुए ब्रिज का उद्घाटन 1879 में हुआ था। गुजरात की मच्‍छु नदी पर बने इस ऐतिहासिक खास ब्रिज को देखने दूर-दूर से पर्यटक आते रहे हैं।

    एडवांस इंजीनियरिंग का नमूना थ

    एडवांस इंजीनियरिंग का नमूना थ

    ये बिट्रिश इंजीनियरों की एडवांस इंजीनियरिंग का नमूना था।बिट्रिश इंजीनियरों ने इसके निर्माण में बहुत ही मॉडल तकनीकी का इस्‍तेमाल उस समय किया था। आज 143 साल पहले मच्‍छु नदी पर बने इस पुल की लंबाई 765 फुल और चौड़ाई चार फुट थी।

    1997 में मच्‍छू नदी पर दिखा था इससे बड़ा मौत का मंजर

    1997 में मच्‍छू नदी पर दिखा था इससे बड़ा मौत का मंजर

    यह पहली बार नहीं है जब मच्छू नदी पर इतना बड़ा हादसा देखा गया। इससे पहले 1979 में भी एक त्रासदी हुई और हजारों लोगों की जान चली गई। 11 अगस्त, 1979 को माछू नदी पर बना एक बांध ढहने से 1500 लोगों की मौत और लगभग 13000 से अधिक जानवर मारे गए थे।

    लगातार बारिश के कारण आई थी ये प्रलय

    लगातार बारिश के कारण आई थी ये प्रलय

    लगातार बारिश के कारण स्थानीय नदियों में बाढ़ आ गई और मच्‍छू नदी पर बने बांध में तेज उफान आने के कारण ढह गया था। बांध के टूटने के बाद निकले पानी ने पूरे शहर को अपनी चपेट में ले लिया था। इस घटना के बाद इंदिरा गांधी मोरबी गईं, तो दुर्गंध के कारण वहां उनका रुक कर दौरा करना मुश्किल हो गया था।

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    English summary
    Morbi Cable Bridge History, advance engineering used 143 years before,bigger accident happened in 1973
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