मोरबी हादसे में पुलिस ने 4 लोगों को किया गिरफ्तार, 9 को लिया गया हिरासत में
Morbi Bridge Collapse: गुजरात के मोरबी में ब्रिज हादसे में 130 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। इस हादसे के बाद अब पुलिस ने अब पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है जबकि 9 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे इस पूरे मामले में पूछताछ होगी। इस हादसे को लेकर राजकोट रेंज के आईजी अशोक यादव ने कहा मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने लगभग चार ज़िलों से 100 एंबुलेंस, 40 मेडिकल टीम, 2-2 NDRF और SDRF की टीम, 6 कॉलम आर्मी, 30 कॉलम गरूड कमांड एयरफोर्स, 50 नेवी के जवान, 18 बोट और करीब 180 दमकल के अधिकारी, कर्मचारी मौजूद हैं।
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गौर करने वाली बात है कि रविवार की शाम को ब्रिटिश काल के केबल ब्रिज को लोगों के लिए फिर से खोल दिया गया था। इस ब्रिज पर कुछ दिन पहले काम चल रहा था। जिसकी वजह से इस ब्रिज को 7 महीने के लिए बंद कर दिया गया था। इस ब्रिज के मरम्मत का काम एक प्राइवेट कंपनी को दिया गया था। इस ब्रिज को अभी तक म्युनिसिपलिटी की ओर से फिटनेस का सर्टिफिकेट नहीं दिया गया था। ब्रिज के हादसे के पहले का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमे देखा जा सकता है कि ब्रिज पर लोगों की काफी भीड़ थी, जिसकी वजह से यह अचानक टूटकर गिर गया।
रिपोर्ट के अनुसार ब्रिज की मरम्मत का काम अजंता ओरेवा कंपनी को दिया गया था, कंपनी को ब्रिज चलाने के लिए 15 साल का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था। यह कॉन्ट्रैक्ट मोरबी निकाय और कंपनी के बीच हुआ था। दोनों के बीच यह करार मार्च 2022 में हुआ था, इसकी वैद्यता 2037 तक के लिए था। हादसे के बाद एनडीआरएफ की पांच टीमें, एसडीआरएफ की 6 टीमें, एयरफोर्स की एक टीम, सेना की दो टीमें, इंडियन नेवी की दो टीमें इसमे लगाई गई थी। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर पहुंचे थे और राहत-बचाव कार्यों का जायजा लिया था। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए के मुआवजे का ऐलान किया था, जबकि घायलों को 50 हजार रुपए का मुआवजा देने का ऐलान किया था।












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