गुजरात: श्री शत्रुंजय तीर्थ के पहाड़ पर भीषण आग से 200 हेक्टेयर की वनस्पतियां और पेड़-पौधे खाक
भावनगर। गुजरात में भावनगर जिले के पालीताणा स्थित जैन धर्मावलंबियों के पवित्र तीर्थ श्री शत्रुंजय वाले पहाड़ पर भीषण आग लगी। इस आग ने घंटों तक वनस्पतियों और पेड़-पौधों को जलाया। पूरे पहाड़ पर आग और धुआं नजर आने लगा। गर्मी पड़ने और उूंच-नीच होने की वजह से आग को काबू करने में काफी मशक्कतें करनी पड़ीं। दो दिन तक आग ने तांडव मचाया। तीर्थ-स्थल के पदाधिकारियों ने बताया कि, आग से यहां मौजूद 200 हेक्टेयर जमीन की वनस्पितयां और पेड़-पौधे खाक हो गए हैं।

जनहानि नहीं, लेकिन पशु-पक्षी जले
यह आग शनिवार दोपहर को किसी छोटे इलाके में लगी थी। उसके बाद पूरे पहाड़ी क्षेत्र में फैल गई।कंजरडा और आदपुर गांव के लोग पहाड़ पर धुएं का बादल देख घबरा गए। हालांकि, फिर सैकड़ों लोग पानी ले-लेकर अपने स्तर से आग बुझाने में जुट गए। आग की भयावहता देख ग्रामीणों ने लगातार दमकल विभाग को फोन किए। दमकल की गाड़ियां आग बुझाने आईं। घंटों बाद इस आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि, अभी किसी तरह की जन-हानि की खबर नहीं आई। एक पदाधिकारी ने कहा कि, आग इतने बड़े इलाके में फैली थी कि उसे हेलीकॉप्टर के जरिए काबू कराने के लिए कहा गया। आग बुझाने के लिए मुख्यमंत्री से भी मांग की गई थी।

उूंचे पहाड़ पर न पहुंच सकीं दमकल वैन
राजकोट जैन समाज के पदाधिकारी मयूर शाह ने कहा कि, पालीताणा के पवित्र शत्रुंजय पहाड़ पर आग आखिर कैसे लगी, इसके कारणों का पता नहीं चला है। हमने मुख्यमंत्री विजय रूपाणी से आग बुझाने में हेलीकाप्टर का इस्तेमाल करने की मांग की थी। उन्होंने बताया कि, शनिवार दोपहर कंजरडा और आदपुर गांव के पहाड़ के बीच आग लगी थी। रविवार सुबह आग भाडवा पहाड़ पर जा पहुंची। फिर यह तेजी से दूसरे क्षेत्रों में फैलते जा रही थी। भीषण आग होने की वजह से काफी तादाद में पशु-पक्षी मारे गए होंगे।

इतिहास में पहली बार ऐसी आग लगी
पालीताणा के एक वृद्ध ने बताया कि, अब तक के इतिहास में यहां इस तरह की आग पहली बार लगी है।पालीताणा के कई किलोमीटर दूर से आग की ज्वाला और धुएं का गुबार साफ देखा जा सकता था। ऊंचे पहाड़ पर आग लगने की वजह से वहां दमकल की गाड़ियां नहीं पहुंच पा रही थीं। आग को खेतों तक पहुंचने से रोकने के लिए स्थानीय लोगों ने नीचे भी पानी की व्यवस्था की।












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