IPS Vijay Singh Gurjar के Tweet ने जीता लोगों का दिल, पूरा मामला जानकर आप भी करेंगे इन्हें सैल्यूट
नई दिल्ली, 19 मई। 'एएसपी कार्यालय और पुलिस स्टेशन आपके हैं। आओ..., बैठो..., थोड़ा पानी लो... और हमें बताओ कि हम कैसे मदद कर सकते हैं...' आईपीएस अधिकारी विजय सिंह गुर्जर का यह ट्वीट हर किसी का दिल जीत रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल भी खूब हो रहा है।

विजय सिंह गुर्जर ASP दाहोद
दरअसल, 2018 बैच के आईपीएस और गुजरात पुलिस के काबिल अफसरों में से एक विजय सिंह गुर्जर इन दिनों Assistant SP, Jhalod Division, Dahod हैं। विजय सिंह गुर्जर ने 17 मई को ट्वीट किया जो गुजराती में था। इस ट्वीट को अब तक एक हजार बार रीट्वीट किया जा चुका है।
आईपीएस Vijay Singh Gurjar ट्वीट
अपने ट्वीट में आईपीएस गुर्जर ने लिखा कि 'मैंने झालोद संभाग में देखा है कि गरीब लोग कार्यालय में प्रवेश करने से पहले स्लीपर, जूते आदि बाहर रख देते हैं। ऑफिस में कुर्सियों पर भी नहीं बैठते। यह सम्मान है, डर है या कुछ और? एएसपी कार्यालय और पुलिस स्टेशन आपके हैं। आओ, बैठो, थोड़ा पानी लाओ और हमें बताओ कि हम कैसे मदद कर सकते हैं।'
મેં ઝાલોદ ડિવિઝનમાં જોયું છે કે ગરીબ લોકો ઓફિસમાં પ્રવેશતા પહેલા સ્લીપર, જૂતા વગેરે બહાર મૂકી દે છે. તેઓ ઓફિસમાં ખુરશીઓ પર પણ નહીં બેસે.
શું તે આદર, ડર અથવા બીજું કંઈક છે?
ASP ઓફિસ અને પોલીસ સ્ટેશન તમારા છે. આવો, બેસો, પાણી લો અને કહો કે અમે કેવી રીતે મદદ કરી શકીએ.@SP_Dahod
— Assistant SP, Jhalod Division, Dahod (@asp_zalod) May 17, 2022
डर है या कुछ और?
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में आईपीएस विजय सिंह गुर्जर कहते हैं कि मैंने कई बार देखा है कि अक्सर फरियादी आते हैं तो न केवल चप्पल जूत्ते कार्यालय से बाहर उतार देते हैं बल्कि कुर्सी की बजाय नीचे बैठ जाते हैं। गुजरात कैडर के पुलिस अधिकारी गुर्जर के जेहन में सवाल उठता है कि पुलिस कार्यालयों में अधिकारी के सामने नीचे बैठना और चप्पल-जूत्ते उतारकर प्रवेश करने की वजह सम्मान है, डर है या कुछ और? अगर यह डर है तो कतई नहीं होना चाहिए। पुलिस लोगों की मदद के लिए है ना कि डर पैदा करने के लिए।

भावनगर में ऐसा नहीं था
विजय सिंह गुर्जर ने कहा कि जब से वं झालोद आए हैं। उन्होंने देखा है कि लोग अपने जूते उतार कर अपने कार्यालय में खड़े हैं। अक्सर आदिवासी पट्टी के गरीब लोग बैठने के लिए कहने पर फर्श पर बैठ जाते हैं। भावनगर में ऐसा नहीं था। वहां पर ट्रेनी आईपीएस के रूप में सेवाएं दी थीं।

गृह मंत्री हर्ष संघवी ने भी कमेंट किया
मीडिया से बात करते हुए आईपीएस गुर्जर ने कहा कि ट्वीट झालोद क्षेत्र के निवासियों के लिए था। यहां तक कि उन्होंने उम्मीद भी नहीं की थी कि यह वायरल हो जाएगा और ध्यान खींचेगा। गुजरात के गृह मंत्री (MoS) हर्ष संघवी ने भी कमेंट किया।

आईपीएस विजय सिंह गुर्जर की जीवनी
बता दें कि मूलरूप से राजस्थान के झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ उपखंड के गांव देवीपुरा के रहने वाले विजय सिंह गुर्जर ने दिल्ली पुलिस कांस्टेबल से गुजरात कैडर के आईपीएस बनने तक का सफर तय किया है। किसान परिवार में पैदा हुए विजय सिंह गुर्जर यूपीएससपी 2017 की सिविल सेवा परीक्षा में 574वीं रैंक हासिल की थी।
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