हाईकोर्ट ने पूछा- गुजरात सरकार वैक्सीन खरीदने के लिए खुद क्यों नहीं ग्लोबल टेंडर जारी करती?
गांधीनगर। कोरोना वैक्सीनेशन में आई कमी पर गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कई सवाल किए। हाईकोर्ट ने कहा कि, रूपाणी सरकार खुद वैक्सीन की खरीद के लिए क्यों प्रयास नहीं करती। वैक्सीन को लेकर खंडपीठ ने पूछा, "वैक्सीन खरीदने के लिए राज्य सरकार क्यों नहीं ग्लोबल टेंडर जारी करती?"

इस पर राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी कंपनी फाइजर और मोडरना राज्य सरकार के साथ डील नहीं करना चाहतीं। ये कंपनियां सिर्फ केन्द्र सरकार के साथ डील करना चाहती हैं। राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि हमें 18 से 44 वर्ष की आयु के लोगों के लिए 6.5 करोड़ डोज चाहिए। राज्य सरकार ने इसके लिए ऑर्डर भी दिए हैं। जिसके पश्चात् राज्य सरकार को अब तक कोविशील्ड की 13.68 लाख शीशियों और कोवैक्सीन की 2.49 लाख शीशियों समेत 16.17 लाख शीशियां मिल चुकी हैं। राज्य सरकार ने यह भी माना कि, कोरोना की वैक्सीन के लिए राज्य सरकार केन्द्र सरकार पर निर्भर है।

वहीं, हाईकोर्ट की खंडपीठ ने राज्य सरकार को कहा कि, आपने कोरोना वैक्सीन के ऑर्डर देने की बात कही, लेकिन ये यह ऑर्डर देने का कोई मतलब नहीं है, जब वैक्सीन नहीं मिल रही। वैक्सीन की प्राप्ति के लिए कुछ तो टाइमलाइन होनी चाहिए।












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