आवारा पशुओं से निजात दिलाने के लिए गुजरात सरकार ने उठाया ये कदम, HC में भी दी सफाई
अहमदाबाद। सड़कों पर घूमते आवारा पशुओं से निजात दिलाने के लिए गुजरात सरकार ने अब बड़ा फैसला लिया है। सरकार सूबे की 8 महानगरपालिकाओं और 156 नगर पालिकाओं में पशुशालाएं खुलवाएगी। आवारा पशुओं को पकड़-पकड़कर इन पशुशालाओं में छोड़ा जाएगा। गुजरात के मंत्री जीतू वाघाणी ने इस बारे में जानकारी दी। वाघाणी ने कहा कि, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अगुवाई में हमारी सरकार अब आवारा पशुओं के लिए हर नगर पालिका में पशुशालाएं तैयार कराएगी।

हर नगर पालिका में पशुशालाएं तैयार कराएगी सरकार
मंत्री जीतू वाघाणी ने यह ऐलान तब किया है, जबकि कुछ दिन ही पहले गुजरात हाईकोर्ट ने आवारा पशुओं से पनपी समस्याओं को लेकर राज्य सरकार को फटकार लगाई थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि, उक्त मामले में पहले ही आदेश दिया गया था, फिर भी सड़कों पर घूमते पशुओं के लिए कोई व्यवस्था क्यों नहीं की गई। आवारा पशुओं की वजह से सड़क-मोहल्लों में आए रोज दुर्घटनाएं हो रही हैं। सरकार अब हमें स्पष्ठ जवाब दे। जिसके बाद अब मंत्री जीतू वाघाणी ने कहा है कि, ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी कि राज्य के पशुपालकों, नागरिकों या बेसहारा जानवरों को कोई परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि, हमारी सरकार ने नागरिकों को आवारा पशुओं की यातना से मुक्त कराने का दृढ़ संकल्प लिया है।

पशुओं को पकड़-पकड़कर इन पशुशालाओं में छोड़ा जाएगा
मंत्री बोले, ''हम यह सुनिश्चित करेंगे कि यदि पशुपालकों के पास उनके पशुओं के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, तो वे अपने पशुओं को पशुशाला में पहुंचा सकते हैं, जिसका राज्य सरकार द्वारा पूरा ध्यान रखा जाएगा। इतना ही नहीं, राज्य सरकार आवारा पशुओं को गौशाला तक पहुंचाने का खर्च भी वहन करेगी।'' उन्होंने कहा कि, इस काम के लिए 10 करोड़ रुपए अलग से मुहैया कराए जाएंगे और जरूरत पड़ने पर उस राशि को बढ़ा भी दिया जाएगा।

सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी
मंत्री ने कहा कि, सड़कों से पकड़े गए मवेशियों के लिए पानी, शेड सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।' गौरतलब है कि, मानसून के दौरान, मवेशियों को रखने के लिए पर्याप्त जगह या अन्य सुविधाओं की कमी के कारण मवेशियों को सड़कों पर छोड़ दिया जाता है, जिसके परिणामस्वरूप सड़कों पर मवेशियों की बड़ी संख्या देखने को मिलती है। जिससे अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। कई बार सांड आपस में लड़ पड़ते हैं तो लोगों की जान पर बन आती है। ऐसी शिकायतें मिलने पर अब सरकार की ओर से संबंधित महानगर पालिकाओं, नगर पालिकाओं को यह निर्देश भी दिए गए हैं कि जब पशुपालक गौशाला में आएं तो पशुओं को निःशुल्क रखें और मवेशियों को पर्याप्त सुविधाएं भी प्रदान करें।












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