Gujarat Election: सूरत से आप उम्मीदवार कंचन जरीवाला लापता, CM केजरीवाल बोले-'BJP ने अगवा किया'
गुजरात चुनाव से पहले भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच राजनीति गरमा गई है। राघव चड्ढा ने भाजपा पर सूरत पूर्व सीट के प्रत्याशी कंचन जरीवाला के अपहरण का आरोप लगाया है। वहीं, अब इस मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप प्रमुख केजरीवाल का बयान आया है। उन्होंने कहा कि सूरत (पूर्व) से हमारे उम्मीदवार कंचन जरीवाला और उनका परिवार कल से लापता है। पहले भाजपा ने उनका नामांकन खारिज कराने की कोशिश की, लेकिन जब नामांकन स्वीकार कर लिया गया तो उन पर इसे वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा था। वहीं, अब उनका अपहरण कर लिया गया है?
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राघव चड्ढा ने भी भाजपा पर बोला हमला
इससे पहले आप नेता राघव चड्ढा ने भी भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेस कर भाजपा पर लोकतंत्र की हत्या और उम्मीदवार के अगवा करने का आरोप लगाया है। भाजापा पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि सूरत पूर्व सीट से हमारे उम्मीदवार कंचन जरीवाला को भाजपा के गुंडों ने अगवा कर लिया है। पहले भाजपा की तरफ से उनके नामांकन पत्र को खारिज कराने की कोशिश की गई। वहीं, जब इसमें सफलता नहीं मिली तो प्रस्तावकों पर दबाव डालकर नामांकन वापस लेने के लिए प्रताड़ित किया गया। इसके बावजूद भी जब वह नहीं माने तो उनका अपहरण कर लिया गया।
राघव चड्ढा बोले भाजपा के स्थानीय गुंडों ने किया है उनका अपहरण
राघव चड्ढा ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा के गुंडों ने उन्हें कल सुबह से ही आपहरण कर लिया है। वह इस वक्त भाजपा के गुंड़ों की कस्टडी में हैं। उन्होंने कहा कि आप और केजरीवाल से भाजपा घबरा गई है और उसे हार का डर सता रहा है कि यही वजह है कि पार्टी की तरफ से प्रत्याशी को ही अगवा कर लिया गया। उन्होंने कहा कि हम इसकी शिकायत लिखित में मुख्य चुनाव अधिकारी से करेंगे। इसके अलावा इसकी शिकायत स्थानीय प्रशासन से भी करेंगे। हमें उम्मीद है कि इस पूरे मामले में उचित कार्रवाई होगी।
1 और 5 दिसंबर को डाले जाएंगे वोट
गुजरात विधानसभा की 182 सीटों के लिए एक और 5 दिसंबर को दो चरण में वोटिंग होगी। वोटिंग को लेकर इस वक्त चुनाव आयोग तैयारियों में जुटा है। चुनावी एक्सपर्ट्स की मानें तो इस बार गुजरात में त्रिकोणीय मुकाबल होते दिख रहा है। एक ओर तरह जहां भाजपा सत्ता विरोधी लहर का सामना कर रही है, वहीं आप और कांग्रेस ने चुनाव प्रचार और स्थानीय मुद्दों को उठाकर इलेक्शन को दिलचस्प बना दिया है। गुजरात चुनाव में विपक्षी पार्टियों की तरफ से बेरोजगारी, महंगाई और शिक्षा जैसे मुद्दों को उठाया जा रहा है।
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