अहमदाबाद की साबरमती नदी और दो झीलों में मिला कोरोना वायरस, शोधकर्ता बोले- ये बहुत खतरनाक है
नई दिल्ली, जून 18। कोरोना महामारी की दूसरी लहर में देशभर से रूह कंपा देने वाली तस्वीरें सामने आई थी। कहीं शवों के अंतिम संस्कार के लिए लोगों की लाइनें देखी गईं थी तो कहीं कोरोना संक्रमित मरीजों के शवों को नदियों में बहाते हुए देखा गया था। ऐसे में एक शोध के द्वारा ये सामने आया है कि अहमदाबाद की साबरमती नदी और दो झीलों के अंदर कोरोना का संक्रमण मिला है। दरअसल, साबरमती नदी से लिए गए सैंपल में कोरोना का संक्रमण पाया गया है। इसके अलावा कांकरिया और चंदोला तालाब के सैंपल में भी कोरोना वायरस मिला है।
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पानी में कोरोना मिलना वाकई बहुत खतरनाक- प्रोफेसर मनीष
आपको बता दें कि IIT गांधीनगर और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान स्कूल के शोधकर्ताओं ने साबरमती नदी, चंदोला और कांकरिया झीलों के सैंपल इकट्ठा किए थे। IIT गांधीनगर में अर्थ साइंस के प्रोफेसर मनीष कुमार ने कहा कि झीलों और नदियों में कोरोना वायरस मिलना वाकई एक बहुत खतरनाक स्थिति को पैदा कर सकता है। मनीष कुमार ने कहा है कि 3 सितंबर से 29 दिसंबर 2019 के बीच हर सप्ताह एक बार पानी के सैंपल लिए गए थे। साबरमती नदी से 694 सैंपल इकट्ठा किए गए थे, जबकि चंदोला झील से 549 और कांकरिया झील से 402 सैंपल इकट्ठा किए गए थे।
पानी के अंदर जीवित रह सकता है वायरस
इस शोध के नतीजों से यही पता चलता है कि कोरोना वायरस प्राकृतिक जल में भी जीवित रह सकता है। इसलिए शोधकर्ताओं का मानना है कि देश की सभी प्राकृतिक जल स्त्रोत की जांच होनी चाहिए, क्योंकि कोरोना की दूसरी लहर में वायरस के कई गंभीर म्यूटेशन भी देखने मिले हैं। हैरानी वाली बात ये है कि हाल ही में देश के अलग-अलग हिस्सों से कोरोना संक्रमित मरीजों के शव नदियों में तैरते हुए भी नजर आए थे। अगर इन नदियों में भी वायरस मिलता है तो ये वाकई बहुत डरने वाली बात होगी।












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