Bhupendra Patel:गुजरात के पाटीदार नेता, जो पहली बार MLA बने और मुख्यमंत्री की कुर्सी मिल गई

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने पिछले साल जब सीएम की कुर्सी संभाली थी, तब उनके पास प्रदेश कैबिनेट में काम करने का कोई अनुभव नहीं था। लेकिन, सिर्फ एक साल में ही उन्होंने प्रदेश की कमान बखूबी संभाल ली है तो इसके पीछे उनका लंबा प्रशासनिक अनुभव रहा है। उनके राजनीतिक हौसले के पीछे की एक वजह यह भी है कि उन्होंने पिछले गुजरात विधानसभा चुनावों में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। पेशे से इंजीनियर और फिर बिल्डर बनकर राजनीति में आए भूपेंद्र पटेल ने जीवन के इस क्षेत्र में भी अपने को बहुत ही अच्छे तरीके से स्थापित किया है। वैसे, समाज के बाकी क्षेत्रों में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है और वो जिस जाति से आते हैं, उसके पास काफी हद तक गुजरात में सत्ता की चाबी होने की बात कही जाती है।

सबसे अधिक अंतर से चुनाव जीते थे भूपेंद्र पटेल

सबसे अधिक अंतर से चुनाव जीते थे भूपेंद्र पटेल

गुजरात के 17वें मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल पूरा नाम भूपेंद्र रजनीकांत पटेल राज्य के ऐसे नेता हैं, जो सीएम पद की शपथ लेने से पहले किसी भी मंत्रिमंडल में शामिल नहीं रहे। बिल्कुल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह उनकी अचानक प्रदेश के मुख्यमंत्री के पद पर ताजपोशी हो गई। हालांकि, तब वह एमएलए जरूर थे और उन्होंने अपना पहला ही विधानसभा चुनाव 2017 में गांधीनगर लोकसभा सीट के तहत आने वाली घाटलोदिया असेंबली सीट से जीता था। इस सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार के खिलाफ उनकी जीत का अंतर 1,17,000 वोटों का था, जो राज्य में सबसे ज्यादा था। गुजरात में लोगों के द्वारा सम्मान से भूपेंद्रभाई पटेल बुलाए जाने वाले राज्य के मुख्यमंत्री ने अपनी राजनीतिक यात्रा मेमनगर नगरपालिका के सदस्य के रूप में की थी।

मेमनगर नगरपालिका से शुरू हुआ राजनीतिक करियर

मेमनगर नगरपालिका से शुरू हुआ राजनीतिक करियर

भूपेंद्र पटेल को 13 सितंबर, 2021 को गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी। लेकिन, उनका प्रशासनिक अनुभव उससे पहले से भी काफी व्यापक था। पहला विधानसभा चुनाव जीतने से पहले वे अहमदाबाद नगर निगम के स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन रह चुके हैं। इस दौरान वे 2010 से 2015 के बीच थलदेज के कॉर्पोरेटर थे। लेकिन, उनकी राजनीतिक यात्रा 1995 में ही शुरू हो चुकी थी, जब वे मेमनगर नगरपालिका में स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन नियुक्ति हुए थे। वह एक दशक से ज्यादा समय तक नगरपालिका में रहे और 1999-2000 और 2004-2006 के दौरान स्थानीय निकाय के चेयरमैन की भूमिका निभाई थे। 2008 से 2010 के बीच में वे अहमदाबाद नगरपालिका स्कूल बोर्ड के उपाध्यक्ष भी रहे।

राजनीति में आनंदीबेन पटेल के करीबी माने जाते हैं भूपेंद्र पटेल

राजनीति में आनंदीबेन पटेल के करीबी माने जाते हैं भूपेंद्र पटेल

स्थानीय निकाय में उनका कद काफी बढ़ चुका था। फिर, 2015 में उनकी नियुक्ति अहमदाबाद शहरी विकास प्राधिकरण के चेयरमैन के तौर पर हुई। वे 2017 तक इस पद पर रहे और इस दौरान उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में खूब जोर लगाया, जिसमें फ्लाइओवरों का निर्माण साणंद और बोपल में सड़कों का निर्माण भी शामिल है। राजनीति में भूपेंद्र पटेल को गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री और उत्तर प्रदश की मौजूदा राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का करीबी माना जाता है। आनंदीबेन पटेल ने भी 2012 का विधानसभा चुनाव घाटलोदिया से ही जीता था, जो गवर्नर के पद पर नियुक्ति तक वहां का प्रतिनिधित्व कर रही थीं।

भूपेंद्र पटेल की शिक्षा और पेशा

भूपेंद्र पटेल की शिक्षा और पेशा

अहमदाबाद में 15, जुलाई, 1962 को जन्मे भूपेंद्र पटेल के पास अहमदाबाद के गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक से सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा है। वे पेशे से बिल्डर का भी काम कर चुके हैं, बहुत कम उम्र से ही वे सामाजिक कार्यों में रुचि लेते रहे हैं। पटेल राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विचारों के प्रभावित रहे हैं और मेमनगर में संघ की ओर से संचालित पंडित दीनदयाल उपाध्याय लाइब्रेरी के सक्रिय सदस्य भी हैं। राजनीति से अलग भूपेंद्र पटेल बैडमिंटन और क्रिकेट खेलना खूब पसंद करते हैं।

भूपेंद्र पटेल का परिवार और जाति

भूपेंद्र पटेल का परिवार और जाति

60 वर्षीय भूपेंद्र पटेल के पिता का नाम रजनीकांतभाई पटेल था। उनके छोटे भाई का नाम केतन पटेल है। हेतल पटेल मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की पत्नी हैं। पटेल दंपति का एक बेटा और एक बेटी है। अनुज पटेल, भूपेंद्र और हेतल पटेल के बेटे हैं, जबकि देवांशी पटेल बहू हैं। भूपेंद्र पटेल की छवि बहुत ही साफ-सुथरी नेता की रही है, जिनके खिलाफ कोई भी आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। भूपेंद्र पटेल गुजरात की प्रभावशाली जाति पाटीदार समाज से ताल्लुक रखते हैं। वह पटेल समाज की कडवा उपजाति के हैं। वे अक्रम विज्ञान आंदोलन के अनुयायी हैं, जिसकी स्थापना गुजरात के एक आध्यात्मिक नेता भगवान दादा ने की थी। वे सरदार धाम और वर्ल्ड उमिया फाउंडेशन के भी ट्रस्टी हैं।

भूपेंद्र पटेल की संपत्ति

भूपेंद्र पटेल की संपत्ति

2017 के गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान भूपेंद्र पटेल ने चुनाव आयोग में जो हलफनामा दिया था, उसके मुताबिक तब उनके पास कुल 5.19 करोड़ रुपए से अधिक की चल-अचल संपत्ति थी। उनपर तब 69.55 लाख से अधिक की देनदारी भी थी। जबकि वाहन के नाम पर तब उनके पास एक आई20 कार थी, जिसकी कीमत तब 729 लाख रुपए से अधिक आंकी गई थी। हालाकि, उनकी पत्नी के पास सिर्फ एक एक्टिवा स्कूटी थी।

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