गुजरात: परिवार को बीच रास्ते ही फूंकनी पड़ी लाश, गांव के श्मशान की यह हकीकत जानकर आ जाएगा गुस्सा
सूरत। गुजरात में सूरत के एक गांव की ऐसी घटना सामने आई है, जिसके बारे में जानकर चिंतित हो उठेंगे। यहां एक परिवार को बीच रास्ते ही मृतक का दाह संस्कार करना पड़ गया। जिसके पीछे की वजह श्मशान का किराया बढ़ाकर चौगुना कर देना रहा। गरीब परिवार उतनी रकम चुका नहीं पाया और फिर लाश को रास्ते पर ही फूंक दिया।

सूरत में सन्न कर देने वाली घटना
संवाददाता के अनुसार, श्मशान के प्रबंधन ने बिना रुपए चुकाए अंतिम संस्कार करने देने से इनकार कर दिया था। जिसके चलते उन गमगीन लोगों को रास्ते में अंतिम संस्कार करना पड़ा। यह घटना एना गांव की है। जहां हलपति समुदाय के बुजुर्ग तेजस राठोड ने बताया कि, सोनी फलियां में रहने वाले मोहनभाई राठोड की बीमारी के कारण मौत हो गई थी। सगे-संबंधी एवं समाज के लोग शोक-संवेदनाएं जताने के लिए घर पर आ जुटे।

श्मशान वालों ने मांगी चौगुनी रकम
जब सभी लोग लाश को लेकर गांव के श्मशान पहुंचे तो वहां श्मशान के संचालकों का जवाब सुनकर धक्क रह गए। चाबी मांगे जाने पर केयर टेकर ने कहा कि, संचालकों द्वारा श्मशान का किराया 600 रुपए से बढ़ाकर 2500 रुपये कर दिया है और जब तक रुपये नहीं मिलेंगे, गेट नहीं खुलेगा। इस बात से मृतक के परिजनों समेत हलपति समुदाय के लोग आक्रोशित हो उठे।

फिर बीच रास्ते ही जलाई लाश
बाद में लोग श्मशान का संचालन करने वाली कमिटी के प्रमुख के पास पहुंच गए, लेकिन उन्होंने निर्णय को समिति के सभी सदस्यों द्वारा लिया बताया। कहा कि, बिना पूरी फीस दिए, अंतिम संस्कार नहीं करने देंगे। उधर, मृतक के परिजन एवं उनके समाज के लोग भी यही कहने लगे कि, अंतिम संस्कार तो होगा। आप भले ही श्मशान में मत करने दें। और, फिर लाश को बीच रास्ते ही जलाया।

हर ओर होने लगी चर्चा
यह तो सभी जानते ही हैं कि, सामान्यत: श्मशान ले जाने का कोई किराया नहीं होता और अंतिम संस्कार के लिए आनेवाले लोग अपनी हैसियत के मुताबिक रकम देकर जाते हैं। मगर, इधर 2500 रुपए मांगे गए और परमिशन नहीं दी। जिसके बाद ऐसी स्थिति पनपी की लाश बीच रास्ते ही जला दी गई। यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।












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